
यादव जी की लव स्टोरी (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पहले जहां मामला विरोध-प्रदर्शन तक सीमित था, अब यह कानूनी दायरे में पहुंच गया है। यादव समुदाय से जुड़े कुछ संगठनों ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि फिल्म के शीर्षक और कथानक से समुदाय की छवि प्रभावित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज है। कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब फिल्म के नाम में “यादव” शब्द का इस्तेमाल किया गया है, तो क्या कहानी और प्रस्तुति उस पहचान के प्रति संवेदनशील है या नहीं।
फिल्म का निर्देशन अंकित बड़ाना ने किया है और निर्माता संदीप तोमर हैं। ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, फिल्म में प्रगति तिवारी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। उनके साथ विशाल मोहन, सुविंदर विक्की और रजत तनवर अहम किरदार निभा रहे हैं।
विवाद का एक पहलू यह भी है कि शीर्षक में “यादव” होने के बावजूद फिल्म की प्रमुख कास्ट में कोई अभिनेता यादव समुदाय से नहीं है। इसी मुद्दे पर कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई है और इसे प्रतिनिधित्व से जुड़ा सवाल बताया है।
फिल्म 27 फरवरी को रिलीज के लिए तैयार बताई जा रही है, लेकिन बढ़ते विरोध के चलते इसकी रिलीज को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
कहानी एक युवती सिंपल यादव के इर्द-गिर्द घूमती है, जो प्रेम और पारिवारिक दबावों के बीच उलझी हुई है। उसका पहला प्यार वसीम अख्तर नाम का युवक है, जबकि परिवार उस पर अभिमन्यु यादव से शादी का दबाव डालता है।
फिल्म में प्रेम संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा, जातीय पहचान और राजनीतिक प्रभाव जैसे विषयों को दिखाने की कोशिश की गई है। समर्थकों का कहना है कि यह एक काल्पनिक सामाजिक ड्रामा है, जबकि विरोध करने वालों का मानना है कि जाति आधारित शीर्षक के साथ कहानी पेश करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए थी।
यादव समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों का आरोप है कि फिल्म का नाम सीधे तौर पर एक जाति विशेष से जुड़ा है, इसलिए इसकी प्रस्तुति भी जिम्मेदारी के साथ होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर किसी समुदाय का नाम प्रचार और ब्रांडिंग में इस्तेमाल किया जाता है, तो उसकी छवि और सम्मान का ध्यान रखा जाना जरूरी है।
दूसरी ओर, कुछ लोग इसे रचनात्मक अभिव्यक्ति का मामला बता रहे हैं। उनका तर्क है कि फिल्में काल्पनिक होती हैं और किसी भी सामाजिक समूह को निशाना बनाने का उद्देश्य साबित होना जरूरी है। अब नजर इस बात पर है कि फिल्म निर्माता विवाद पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और प्रशासन की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। अगर मामला अदालत तक पहुंचता है, तो रिलीज पर भी असर पड़ सकता है।
Location : Lucknow
Published : 19 February 2026, 4:18 PM IST
Topics : cast and story Hindi movie controversy UP FIR film Yadav Ji Ki Love Story Yadav community protests