
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स-Pinterest)
Rohtak: साइबर ठगों ने अब भोले-भाले युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन के लिए करना शुरू कर दिया है। रोहतक में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक की फर्म के चालू खाते का दुरुपयोग कर करीब 2.7 करोड़ रुपये की भारी-भरकम साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।
फतेहपुरी कॉलोनी निवासी प्रवेश ने पुलिस को दी गई शिकायत में पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया है। प्रवेश 'एमआर इंटीरियर' नाम से एक फर्म का संचालन करता है, जिसका इंडसइंड बैंक में चालू खाता (करेंट अकाउंट) है। करीब दो साल पहले प्रवेश की मुलाकात सांघी गांव के रहने वाले रोहित उर्फ गोलू से हुई थी।
शिकायत के अनुसार, जनवरी 2026 में रोहित ने प्रवेश से संपर्क किया और विदेश से आने वाले भुगतान को अपने खाते में मंगवाने में मदद की गुहार लगाई। इसी बहाने शातिररोहित ने प्रवेश की फर्म के बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी, मोबाइल नंबर और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद आरोपी ने न तो सिम वापस लौटाई और न ही प्रवेश से कोई संपर्क रखा।
प्रवेश को इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक तक नहीं लगी, जब तक कि उसे पुलिस के नोटिस मिलने शुरू नहीं हुए। जब इन नोटिसों की जांच की गई, तो पता चला कि उसकी फर्म के बैंक खाते के जरिए देशभर के अलग-अलग हिस्सों के लोगों से ठगी गई रकम का लेन-देन किया गया है। इन खातों में कुल मिलाकर करीब 2.7 करोड़ रुपये की संदिग्थ और ठगी की रकम जमा कराई गई थी।
पीड़ित प्रवेश का सीधा आरोप है कि रोहित उर्फ गोलू अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता है। यह गैंग सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार करता है और उनके आधार पर फर्जी फर्में बनाकर बैंक में खाते खुलवाता है। इन खातों का इस्तेमाल जनता से ठगी गई अवैध रकम को ठिकाने लगाने के लिए किया जाता है। फिलहाल, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी रोहित तथा उसके संभावित साथियों की तलाश तेज कर दी है।
Location : Rohtak
Published : 30 July 2026, 10:16 AM IST