
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest )
Varanasi: वाराणसी कमिश्नरेट की साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर अपराध गिरोह का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों के बैंक खातों का दुरुपयोग कर देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। मामले का खुलासा होने के बाद साइबर अपराध के इस संगठित नेटवर्क की कार्यप्रणाली भी सामने आई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। इनमें 15 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, तीन आईफोन, 43 एटीएम कार्ड, 12 पासबुक, 10 चेकबुक, 11 क्यूआर कोड, 12 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और एक डायरी शामिल हैं। इसके अलावा 12,060 रुपये नकद तथा दो चार पहिया वाहन—महिंद्रा थार और हुंडई आई-20—भी जब्त किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और इंटरनेट बैंकिंग की पूरी जानकारी अपने कब्जे में ले लेते थे। बाद में इन्हीं खातों का उपयोग देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त रकम के लेन-देन और ट्रांसफर के लिए किया जाता था, जिससे असली अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।
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साइबर क्राइम पुलिस अब बरामद मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और साइबर ठगी के कई मामलों का खुलासा हो सकता है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ था।
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पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लोगों से भी अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी साझा न करें और किसी लालच में आकर अपने बैंक खाते का उपयोग दूसरों को न करने दें।
Location : Varanasi
Published : 29 July 2026, 3:58 PM IST
Topics : cyber crime Cyber Fraud Varanasi News