
कचहरी में अधिवक्ता से मारपीट (IMG: Dynamite News)
Sitapur: कचहरी परिसर में न्यायिक कामकाज के दौरान उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब एक अधिवक्ता ने कुछ लोगों पर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और गले से सोने की चेन छीनने का आरोप लगाया। मामला समझौते को लेकर बातचीत से शुरू हुआ था, लेकिन आरोप है कि देखते ही देखते विवाद मारपीट तक पहुंच गया। अधिवक्ता का दावा है कि उनका कॉलर पकड़कर खींचा गया, कोट और बैंड फाड़ दिए गए और इसी दौरान गले में पड़ी सोने की चेन भी जबरन छीन ली गई। घटना के बाद पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता ने न्यायालय की शरण ली। अब सीजेएम के आदेश के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामला 17 जुलाई 2026 का बताया जा रहा है। अधिवक्ता की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, वह अपने साथियों के साथ कचहरी परिसर स्थित चैंबर में न्यायिक कार्य कर रहे थे। इसी दौरान जेल में निरुद्ध एक आरोपी के परिजन समझौते से संबंधित बातचीत करने के लिए उनके चैंबर में पहुंचे। बताया गया है कि बातचीत के दौरान ही किसी बात को लेकर माहौल बिगड़ गया। अधिवक्ता का आरोप है कि सेवानिवृत्त दारोगा प्रेम प्रकाश सिंह, उनके पुत्र ओम प्रकाश सिंह उर्फ रूबी सिंह और उनकी पत्नी ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
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अधिवक्ता ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उनका कॉलर पकड़कर खींचा गया। इस दौरान उनके साथ हाथापाई की गई और उनका कोट व अधिवक्ता का बैंड भी फाड़ दिया गया। मामले में सोने की चेन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाया गया है। अधिवक्ता का कहना है कि मारपीट के दौरान उनके गले में पड़ी सोने की चेन जबरन छीन ली गई।
मारपीट और शोर-शराबे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद अन्य अधिवक्ता भी मौके की ओर पहुंचने लगे। आरोप है कि जब वहां लोगों की भीड़ जुटने लगी तो आरोपी मौके से चले गए। अधिवक्ता पक्ष का आरोप है कि जाते समय आरोपितों की ओर से जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद कचहरी परिसर में मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
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घटना के बाद पीड़ित अधिवक्ता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि पुलिस स्तर पर उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का रुख किया और पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। अधिवक्ता की ओर से न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में मारपीट, अभद्रता, धमकी और सोने की चेन छीनने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
मामले में सीजेएम के आदेश के बाद शहर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले की जांच उपनिरीक्षक ज्योति विश्वोई को सौंपी गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। जांच के दौरान घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं। इसके अलावा घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जाएगी।
Location : Sitapur
Published : 2 October 2026, 1:05 PM IST