
बदायूं में युवती के गंभीर आरोपों से हड़कंप (IMG: Dynamite News)
Budaun: बदायूं में एक युवती ने अपने ही परिवार के लोगों पर उसे बेचने, जबरन ले जाने और दवाएं खिलाकर गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से सुरक्षा की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रार्थना पत्र में उसने कुछ लोगों और पुलिसकर्मियों पर भी प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। युवती का दावा है कि 5 अक्टूबर को बदायूं न्यायालय परिसर में उसका अपहरण करने की कोशिश की गई, लेकिन वहां मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उसे बचा लिया। अब उसने मामले में कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है।
मामला बदायूं जिले के उसहैत थाना क्षेत्र के गांव हरेण्डी का है। यहां की रहने वाली सलोनी पुत्री श्याम सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजे प्रार्थना पत्र में अपने परिवार के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती के मुताबिक, वह 5 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:15 बजे बदायूं न्यायालय पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान उसका भाई शिवम सिंह चार-पांच साथियों के साथ वहां पहुंचा और उसे जबरन अपने साथ ले जाने लगा।
सलोनी ने अपने प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि इससे पहले उसके पिता ने उसे मनवीर नाम के व्यक्ति को बेच दिया था। युवती के मुताबिक, वह वहां से निकलकर सुरेन्द्र पुत्र रामवीर निवासी गांव हरेण्डी के पास आ गई थी। इसके बाद विवाद बढ़ने का आरोप लगाते हुए युवती ने ओमपाल पुत्र रामचन्द्र, श्याम सिंह पुत्र जय सिंह और शिवम पुत्र श्याम सिंह के नाम लिए हैं। उसका दावा है कि इन लोगों ने उसहैत और कादरचौक थाने की पुलिस से सांठगांठ कर सुरेन्द्र के परिवार के सदस्यों को बार-बार अवैध हिरासत में रखवाया और उनके साथ अत्याचार कराया।
युवती ने अपने प्रार्थना पत्र में 6 जुलाई 2026 की एक घटना का भी जिक्र किया है। उसके मुताबिक, उस समय कादरचौक थाने में तैनात विक्रम सिंह और कपिल नाम के पुलिसकर्मियों ने उसे और सुरेन्द्र को पट्टों से पीटा था। सलोनी का आरोप है कि जब उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि वह गर्भवती है, तब विक्रम सिंह ने कथित तौर पर उसे घर ले जाकर बच्चा गिराने की बात कही। युवती ने अपने आवेदन में इस कथित घटना को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं।
सलोनी ने आरोप लगाया है कि घर पर ओमपाल, शिवम, श्याम सिंह और सीमा पत्नी श्याम सिंह ने उसे लगातार जबरन दवाएं खिलाईं। युवती का दावा है कि इन दवाओं के कारण उसका करीब साढ़े चार महीने का गर्भ गिर गया। यह आरोप मामले को और गंभीर बनाता है। यदि युवती के दावे सही पाए जाते हैं, तो यह उसकी सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है। हालांकि, गर्भपात की परिस्थितियों, कथित रूप से दवाएं दिए जाने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि संबंधित साक्ष्यों तथा जांच से ही हो सकेगी।
लगातार कथित घटनाओं का जिक्र करते हुए सलोनी ने वीडियो वायरल कर मुख्यमंत्री से मदद मांगी है। उसका कहना है कि उसे सुरक्षा दी जाए और उसके आरोपों की गंभीरता से जांच कराई जाए। युवती ने अपने प्रार्थना पत्र के जरिए संबंधित अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाने की कोशिश की है। फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि युवती के आरोपों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है। कथित अपहरण के प्रयास, जबरन गर्भपात, मारपीट और पुलिसकर्मियों की भूमिका जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
Location : Budaun
Published : 9 October 2026, 5:01 PM IST