
एडीएम-एफआर और एसडीएम से जवाब तलब (Img: AI Generated Image)
Sultanpur: करोड़ों रुपये कीमत की जमीन के कथित नामांतरण और उसके अगले ही दिन बैनामा किए जाने के मामले ने अब न्यायालय का ध्यान खींचा है। जयसिंहपुर की नायब तहसीलदार रूबी यादव, सब रजिस्ट्रार आदित्य प्रताप जायसवाल समेत नौ लोगों के खिलाफ दाखिल अर्जी पर सीजेएम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। अदालत ने एडीएम वित्त एवं राजस्व और एसडीएम जयसिंहपुर से मामले में आख्या तलब की है।
मामले की अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होनी है। हालांकि, अर्जी में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक विचाराधीन हैं और संबंधित अधिकारियों व अन्य आरोपितों का पक्ष सामने आना बाकी है।
जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बिरसिंहपुर निवासी रामप्रकाश सिंह ने 15 जुलाई की घटना का हवाला देते हुए सीजेएम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। आरोप है कि जिस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, उसका नामांतरण कथित तौर पर गलत तरीके से कराया गया और खतौनी में नाम दर्ज होने के अगले ही दिन जमीन का बैनामा कर दिया गया।
अर्जी के अनुसार, बैनामे में जमीन की कीमत करीब 64 लाख रुपये दर्शाई गई और इसे शशांक राघव के पक्ष में कराया गया। दस्तावेज में रमेश सिंह और रवींद्र सिंह के गवाह होने का भी उल्लेख किया गया है।
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अभियोगी के मुताबिक, जमीन के मूल स्वामी कमला प्रसाद सिंह अविवाहित थे और 5 जनवरी 2007 को उनकी मृत्यु हुई थी। उनकी संपत्ति को लेकर बाद में उत्तराधिकार का विवाद सामने आया। अर्जी में दावा किया गया है कि कमला प्रसाद सिंह की बहन होने का दावा करने वाली भागीरथी ने अपने जीवनकाल में ऐसा कोई दावा नहीं किया था। इसके बावजूद बाद में उन्हें कमला प्रसाद सिंह की सगी बहन बताते हुए संपत्ति पर उत्तराधिकार का दावा किए जाने का आरोप लगाया गया।
अर्जी में आरोप लगाया गया है कि मिथिलेश सिंह की मृत्यु के बाद उनकी बेटी वंदना सिंह ने अपने पति विकास सिंह, ससुर विनय सिंह और अन्य लोगों के साथ मिलकर जमीन अपने नाम कराने की कार्रवाई की। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नायब तहसीलदार रूबी यादव की अदालत में चल रहे मामले में पर्याप्त अभिलेखीय साक्ष्यों के बिना मौखिक बयानों के आधार पर नामांतरण आदेश पारित किया गया।
इसके बाद खतौनी में नाम दर्ज होने के अगले ही दिन जमीन का बैनामा कर दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
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मामले में सब रजिस्ट्रार आदित्य प्रताप जायसवाल और रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने जमीन की वास्तविक कीमत और कथित लेन-देन की जांच की मांग की है। अर्जी में नायब तहसीलदार रूबी यादव और शशांक राघव के बीच पूर्व परिचय होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से कथित तौर पर दोनों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट की जांच कराने की मांग की गई है।
सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। सब रजिस्ट्रार के वरिष्ठ अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व तथा नायब तहसीलदार के वरिष्ठ अधिकारी एसडीएम जयसिंहपुर से आख्या तलब की गई है। थाना प्रभारी को भी पहले मांगी गई रिपोर्ट 16 अक्टूबर को निर्धारित तारीख पर अदालत में पेश करने का आदेश दिया गया है।
Location : Sultanpur
Published : 4 October 2026, 1:09 PM IST
Topics : land dispute Revenue Department sultanpur news