SSC Exam Scam: प्रॉक्सी सर्वर से लीक होता था ऑनलाइन पेपर, STF ने ग्रेटर नोएडा से मास्टरमाइंड समेत 7 को दबोचा

उत्तर प्रदेश STF ने ग्रेटर नोएडा में SSC ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह प्रॉक्सी सर्वर और स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए पेपर सॉल्वरों तक पहुंचाता था। मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनके पास से 50 लाख रुपये और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 May 2026, 11:47 AM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने SSC की ऑनलाइन परीक्षाओं में धांधली कराने वाले एक बड़े हाईटेक रैकेट का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की CAPF, SSF कांस्टेबल जीडी और असम राइफल्स राइफलमैन परीक्षा-2026 में अभ्यर्थियों को सेटिंग के जरिए पास कराने का काम कर रहा था। STF ने ग्रेटर नोएडा से इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और परीक्षा से जुड़े कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं। इस खुलासे के बाद ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

गुप्त सूचना के बाद STF ने शुरू की जांच

STF को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ लोग हाईटेक तकनीक के जरिए ऑनलाइन परीक्षाओं में गड़बड़ी कर रहे हैं। इसके बाद STF की नोएडा यूनिट ने मामले की गुप्त जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल ज़ोन नाम के परीक्षा केंद्र पर बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था।

जांच में सामने आया कि यहां परीक्षा के दौरान तकनीकी छेड़छाड़ कर अभ्यर्थियों को गलत तरीके से पास कराया जा रहा था। STF ने कई दिनों तक निगरानी करने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई।

मास्टरमाइंड समेत 7 आरोपी गिरफ्तार

22 मई को STF की टीम ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारा और मौके से मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रदीप चौहान, अरुण कुमार, संदीप भाटी, निशांत राघव, अमित राणा, शाकिर मलिक और विवेक कुमार शामिल हैं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस को भारी मात्रा में नकदी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले। STF का मानना है कि गिरोह लंबे समय से इस फर्जीवाड़े में सक्रिय था और कई परीक्षाओं में धांधली करा चुका है।

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प्रॉक्सी सर्वर से ऐसे चलता था पूरा खेल

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सीधे परीक्षा सर्वर को हैक नहीं करते थे। वे कंपनी के सर्वर को बायपास कर ‘प्रॉक्सी सर्वर’ लगाते थे। इसके बाद ‘स्क्रीन शेयरिंग व्यूअर एप्लिकेशन’ के जरिए परीक्षा का पेपर बाहर बैठे सॉल्वर तक पहुंचाया जाता था।

सॉल्वर सवाल हल कर तुरंत जवाब अभ्यर्थियों तक पहुंचाते थे। मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान बालाजी डिजिटल ज़ोन परीक्षा केंद्र संचालित करता था, जबकि अरुण कुमार तकनीकी सेटअप और प्रॉक्सी सर्वर लगाने का काम संभालता था। फिलहाल STF पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।

Location :  Lucknow

Published :  23 May 2026, 11:47 AM IST