सिद्धार्थनगर में बड़ा फर्जीवाड़ा बेनकाब, जाली ST सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी पाने वाली शिक्षिका बर्खास्त, अब होगी सैलरी रिकवरी

एक खबर ने प्रशासनिक कार्रवाई की राह खोल दी और अब मामले में बड़ा फैसला सामने आया है। सिद्धार्थनगर में कथित फर्जी एसटी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले में प्रशासन ने शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 8 October 2026, 5:41 PM IST

Siddharthnagar: सिद्धार्थनगर के ऊंटिया प्राथमिक विद्यालय में फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी पाने वाली शिक्षिका सुनैना गौड़ को बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में उनका परिवार 'कहार' (OBC) जाति का पाए जाने पर जिलाधिकारी की समिति ने प्रमाण पत्र रद्द किया था। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षिका को सेवा से हटाते हुए 7 जुलाई के बाद मिले वेतन की रिकवरी के निर्देश जारी किए हैं। 'डाइनामाइट न्यूज़' द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने के बाद यह प्रशासनिक कार्रवाई हुई है।

ऊंटिया प्राथमिक विद्यालय का मामला

मामला उसका बाजार विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय ऊंटिया से जुड़ा है। यहां तैनात शिक्षिका सुनैना गौड़ पर आरोप था कि उन्होंने अनुसूचित जनजाति यानी एसटी वर्ग का प्रमाण पत्र लगाकर सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल की। शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। जांच में शिक्षिका के परिवार की जाति को लेकर अलग तथ्य सामने आने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच में परिवार का संबंध कहार जाति से बताया गया, जिसे ओबीसी वर्ग में रखा गया है।

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जांच के बाद प्रमाण पत्र हुआ निरस्त

मामले की जांच जिलाधिकारी की समिति के स्तर पर भी हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति ने 7 जुलाई को शिक्षिका का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया था। प्रमाण पत्र रद्द होने के बाद मामला आगे बढ़ा और शिक्षिका की ओर से हाईकोर्ट से राहत लेने की कोशिश की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट से भी उन्हें राहत नहीं मिली। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सेवा संबंधी कार्रवाई की गई।

7 जुलाई से बर्खास्तगी का आदेश

जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी यानी बीएसए ने शिक्षिका को 7 जुलाई से सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही 7 जुलाई के बाद शिक्षिका को दिए गए वेतन की रिकवरी के निर्देश भी दिए गए हैं। यानी प्रमाण पत्र निरस्त होने की तारीख के बाद प्राप्त वेतन की राशि वापस लिए जाने की कार्रवाई की जाएगी।

डायनामाइट न्यूज़ ने उठाया था मामला

इस पूरे मामले को डाइनामाइट न्यूज़ ने प्रमुखता से सामने रखा था। खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ी। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामलों में प्रशासन की जांच और कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे मामलों में प्रमाण पत्र की वास्तविकता की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है।

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प्रशासनिक कार्रवाई के बाद बढ़ी निगरानी

सिद्धार्थनगर में सामने आए इस मामले के बाद फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी हासिल करने के आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का संदेश गया है। हालांकि, इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी संबंधित विभागीय दस्तावेजों और आदेशों से ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार शिक्षिका का एसटी प्रमाण पत्र निरस्त हो चुका है, उन्हें सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया गया है और 7 जुलाई के बाद मिले वेतन की रिकवरी के निर्देश जारी किए गए हैं।

Location :  Siddharthnagar

Published :  8 October 2026, 5:41 PM IST