पहले किडनैप फिर गैंगरेप, मन नहीं भरा तो सिगरेट से दागा और सड़क पर फेंक दी लाश, कश्मीरी पंडित सरला भट्ट की कहानी रूला देगी आपको

1990 में कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और हत्या के मामले में जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 36 साल बाद 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें यासीन मलिक समेत पांच आरोपियों के नाम हैं। एजेंसी का दावा है कि नए साक्ष्यों के आधार पर मामले की दोबारा जांच पूरी की गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 July 2026, 12:57 PM IST

New Delhi: करीब 36 वर्ष पुराने चर्चित सरला भट्ट अपहरण और हत्या मामले में जम्मू-कश्मीर स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने अहम कदम उठाते हुए श्रीनगर की विशेष अदालत में 737 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख रहे यासीन मलिक समेत पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। यह मामला 1990 में घाटी में कश्मीरी पंडितों के खिलाफ हिंसा के दौर से जुड़ा है।

क्या था पूरा मामला?

सरला भट्ट श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में नर्स के पद पर कार्यरत थीं। अप्रैल 1990 में उनका अपहरण कर लिया गया था। कुछ दिनों बाद उनका शव बरामद हुआ। उस समय दर्ज एफआईआर में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। बाद के वर्षों में विभिन्न संगठनों और मीडिया रिपोर्टों में उनके साथ गंभीर अत्याचारों के आरोप भी सामने आए, हालांकि इन सभी दावों का विवरण तत्कालीन पुलिस रिकॉर्ड में समान रूप से दर्ज नहीं था।

36 साल बाद फिर क्यों खुली जांच?

मार्च 2024 में जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक के आदेश पर यह मामला SIA को सौंपा गया। अगस्त 2025 में एजेंसी ने जांच दोबारा शुरू की। पुराने दस्तावेजों की समीक्षा, सुरक्षित गवाहों के बयान, चश्मदीदों के बयान तथा मेडिकल, बैलिस्टिक और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया।

चार्जशीट में क्या कहा गया है?

SIA के अनुसार, सरला भट्ट का अपहरण एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि उन्हें बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। चार्जशीट में यासीन मलिक सहित पांच लोगों के नाम शामिल हैं। इनमें से तीन आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया गया है। जांच एजेंसी यह भी पड़ताल कर रही है कि कथित अपराध में यासीन मलिक की भूमिका और आदेश का क्या स्वरूप था।

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इतनी देर क्यों लगी?

SIA का कहना है कि लंबे समय तक आतंकवाद के माहौल और गवाहों में भय के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी। एजेंसी के मुताबिक, हाल के वर्षों में उपलब्ध नए साक्ष्यों और गवाहों के सहयोग से घटनाक्रम को दोबारा जोड़ा गया, जिसके बाद चार्जशीट दाखिल की गई।

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अब आगे क्या होगा?

मामला अब अदालत में विचाराधीन है। अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

Location :  New Delhi

Published :  4 July 2026, 12:57 PM IST