‘मुझे भी मरना होगा…’ मौत से कुछ घंटे पहले पोस्ट की रील, शाम को मलबे में मिला मकान मालिक का शव

दिल्ली के रोहिणी बिल्डिंग हादसे में मकान मालिक राम दुआ की मौत हो गई। हादसे से कुछ घंटे पहले उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की थी, जो अब वायरल हो रही है। निर्माणाधीन इमारत गिरने से उनकी मौत हुई। परिजनों ने उन्हें मिलनसार और समाजसेवी व्यक्ति बताया।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 10 July 2026, 1:16 PM IST

New Delhi: राजधानी दिल्ली के रोहिणी में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में मकान मालिक राम दुआ की मौत हो गई, लेकिन उनकी मौत से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई एक इंस्टाग्राम रील अब चर्चा का विषय बनी हुई है। रील में बज रहे गीत के बोल थे—"अमीर हूं, अमर नहीं... मुझे भी मरना होगा मेरे भाई..."। हादसे के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर भावुक हो रहे हैं।

सुबह बनाई रील, शाम को मलबे में मिला शव

परिजनों के अनुसार, राम दुआ को गानों पर रील बनाने का बेहद शौक था। हादसे वाले दिन भी उन्होंने सुबह इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट की थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद वही रील उनकी आखिरी याद बन जाएगी। शाम को निर्माणाधीन इमारत गिरने से वह मलबे में दब गए और देर रात उनका शव बरामद किया गया।

40 साल पुराने घर की जगह बन रहा था नया मकान

परिवार के मुताबिक, राम दुआ पिछले लगभग 40 वर्षों से उसी मकान में रहते थे। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने अपने दोनों बेटों विशाल और राहुल के साथ नया मकान बनाने का निर्णय लिया था। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद पूरा परिवार पास में किराये के मकान में रहने लगा था। राम दुआ का केटरिंग का कारोबार था, जिसमें उनके दोनों बेटे भी हाथ बंटाते थे।

निर्माण कार्य देखने पहुंचे थे, तभी हुआ हादसा

बुधवार दोपहर भोजन करने के बाद राम दुआ निर्माणाधीन मकान का काम देखने पहुंचे थे। बताया गया कि हादसे के समय वह ग्राउंड फ्लोर के पार्किंग क्षेत्र में कुर्सी पर बैठे हुए थे। अचानक पूरी इमारत भरभराकर गिर गई और वह मलबे में दब गए।

मोबाइल मिलाते रहे बेटे, लेकिन नहीं मिला जवाब

हादसे की सूचना मिलते ही परिवार मौके पर पहुंचा। बेटों ने लगातार पिता के मोबाइल पर फोन किया, लेकिन नंबर 'नॉट रीचेबल' आ रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि शायद वह किसी सुरक्षित स्थान पर चले गए होंगे। हालांकि देर रात राहत अभियान के दौरान उनका शव मलबे से बाहर निकाला गया। यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

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हंसमुख और मददगार स्वभाव के थे राम दुआ

परिजनों ने बताया कि राम दुआ बेहद मिलनसार, धार्मिक और समाजसेवी स्वभाव के व्यक्ति थे। वह जरूरतमंदों की चुपचाप मदद करते थे और आसपास के लोग उनका बहुत सम्मान करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

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आखिरी रील बनी जिंदगी की आखिरी याद

राम दुआ की इंस्टाग्राम रील अब उनके परिवार और परिचितों के लिए एक भावुक याद बन गई है। लोग सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए उनकी आखिरी पोस्ट साझा कर रहे हैं। हालांकि यह कहना उचित नहीं होगा कि उन्हें अपनी मृत्यु का पूर्वाभास था; यह केवल संयोग है कि उनकी अंतिम पोस्ट के बोल उनकी मृत्यु के बाद लोगों को गहराई से छू रहे हैं।

Location :  New Delhi

Published :  10 July 2026, 12:29 PM IST