
अयोध्या के राम मंदिर (Img: Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि चोरी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। रविवार सुबह पुलिस की टीम आरोपी रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव के घर पहुंची और उसके ठिकानों की गहन तलाशी शुरू कर दी। एसआईटी की रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने और एफआईआर दर्ज होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले से जुड़े हर पहलू की पड़ताल कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
राम मंदिर में चढ़ावा धनराशि में गड़बड़ी का मामला 6 जून को सामने आया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी।
एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में एफआईआर दर्ज की गई। रिपोर्ट में गणना कार्य से जुड़े अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव और महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव को आरोपी बनाया गया है।
एफआईआर के अनुसार, एसआईटी जांच में प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि चढ़ावा धनराशि की गणना प्रक्रिया में शामिल कुछ कर्मचारियों ने मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई राशि में गड़बड़ी की। जांच में पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी निभा रहे अधिकारियों और बैंक संबंधी निगरानी से जुड़े कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार सुबह टिन्नू यादव के घर पहुंची पुलिस टीम उसके ठिकानों और संभावित साक्ष्यों की तलाश में जुटी रही। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ और बरामदगी के बाद इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है।
Location : Ayodhya
Published : 28 June 2026, 10:14 AM IST