Ram Mandir Donation Theft: टिन्नू ने आखिर कहां छिपाया चढ़ावे का पैसा? बेटे के नाम जमीन पर अब बड़ा एक्शन

Ram Mandir Donation Theft मामले में आरोपी टिन्नू द्वारा बेटे के नाम खरीदी गई जमीन पुलिस जांच के घेरे में है। नकद भुगतान को चोरी की रकम से जोड़कर देखा जा रहा है और संपत्ति जब्त करने की तैयारी है। वहीं, ट्रस्ट ने दान प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए नई वित्तीय व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 27 July 2026, 9:43 AM IST

Ayodhya: Ram Mandir Donation Theft मामले में गिरफ्तार आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जांच में सामने आया है कि उसने करीब एक साल पहले अपने बेटे रवि यादव के नाम सहादतगंज क्षेत्र में एक जमीन खरीदी थी। पुलिस के मुताबिक, इस जमीन के लिए विक्रेता को लगभग 24 लाख रुपये नकद और करीब 9 लाख रुपये बैंक खाते के माध्यम से दिए गए थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि नकद भुगतान चढ़ावा चोरी से जुड़े पैसों से किया गया, जिसके चलते अब इस संपत्ति को जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

कस्टडी रिमांड में मिले अहम सुराग

जेल में बंद सभी आरोपियों की संपत्तियों की जांच जारी है। कस्टडी रिमांड के दौरान हुई पूछताछ और तहसील से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को रवि यादव के नाम खरीदी गई जमीन की जानकारी मिली। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि जमीन की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 50 लाख रुपये है, जबकि कागजों में इसकी कीमत करीब 35 लाख रुपये दर्ज है। जांच टीम अब भुगतान के स्रोत और खरीद प्रक्रिया की गहराई से पड़ताल कर रही है।

रिश्तेदारों की संपत्तियां भी जांच के दायरे में

सूत्रों के अनुसार, पुलिस हाल के वर्षों में टिन्नू के रिश्तेदारों के नाम खरीदी गई संपत्तियों का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है। हालांकि अब तक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे यह साबित हो सके कि उन संपत्तियों में टिन्नू का निवेश था। फिर भी जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि निवेश किया गया होगा तो वह मुख्य रूप से नकद के जरिए हुआ होगा। इसी कारण संपत्तियों के भुगतान के तरीके और धन के स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है।

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ट्रस्ट ने वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत करने का लिया फैसला

Ram Mandir Donation Theft मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट भी सतर्क हो गया है। वित्त समिति की बैठक में दान प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। समिति ने बैंक के साथ हुए एमओयू की समीक्षा, डिजिटल ऑडिट ट्रेल, नियमित आंतरिक ऑडिट और भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। साथ ही बैंक अलर्ट और सत्यापन प्रणाली को भी मजबूत करने पर सहमति बनी, ताकि भविष्य में किसी भी वित्तीय अनियमितता की संभावना समाप्त की जा सके।

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जांच के अगले कदम पर टिकी सबकी नजर

नई एसआईटी और पुलिस की कार्रवाई के बाद Ram Mandir Donation Theft मामले में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यदि संपत्तियों और नकद लेनदेन के बीच सीधा संबंध स्थापित हो जाता है तो आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक सख्त हो सकती है।

Location :  Ayodhya

Published :  27 July 2026, 9:43 AM IST