राम मंदिर में चोरी करना घोर पाप… राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर भड़के स्वामी अवधेशानंद गिरी

राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने इसे सनातन समाज की आस्था के साथ बड़ा छल बताते हुए निष्पक्ष जांच, दोषियों को कठोर सजा और पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप और मंदिर प्रबंधन में अधिक पारदर्शिता लाने की भी अपील की।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 July 2026, 8:42 AM IST

Ayodhya:  अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद पर जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितता या चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और पूरे सनातन समाज के विश्वास के साथ छल है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल एक चूक नहीं, बल्कि बड़ा पाप है और दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।

'सिर्फ चोर नहीं, जिम्मेदार लोगों की भी जवाबदेही तय हो'

एक विशेष बातचीत में स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि केवल चोरी करने वालों को पकड़ लेना पर्याप्त नहीं होगा। जिन लोगों की निगरानी और संरक्षण में पूरी व्यवस्था संचालित हो रही थी, उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही और अनदेखी ने श्रद्धालुओं के विश्वास को गहरी चोट पहुंचाई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक है।

'अयोध्या सिर्फ शहर नहीं, सनातन की पहचान है'

स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, मर्यादा और भारतीय सभ्यता का सर्वोच्च प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थान पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठना पूरी दुनिया में रहने वाले हिंदुओं की आस्था को प्रभावित करता है। उन्होंने मंदिर प्रबंधन में पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग

स्वामी अवधेशानंद ने कहा कि चूंकि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार द्वारा किया गया था, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार को सीधे हस्तक्षेप कर पूरे मामले की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने वित्तीय प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की वकालत की। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं का भरोसा मजबूत करने के लिए उचित कदम उठाएंगे।

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युवाओं और श्रद्धालुओं को भी दिया संदेश

स्वामी अवधेशानंद ने धार्मिक आडंबर से बचने की सलाह देते हुए कहा कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों में भीड़ लगाने या सोशल मीडिया पर प्रदर्शन करने से नहीं होती, बल्कि आचरण से सिद्ध होती है। उन्होंने तीर्थ स्थलों की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और नदियों की पवित्रता बनाए रखने का आह्वान किया। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने योग, पर्याप्त नींद, प्राकृतिक जीवनशैली और यथार्थवादी सोच अपनाने की सलाह दी।

Location :  Ayodhya

Published :  7 July 2026, 8:42 AM IST