
प्रतीकात्मक छवि (सोर्स- Pinterest)
Agra: दिल्ली से अपनी अविवाहित गर्भवती बेटी को गांव लाकर हत्या करने का फैसला पिता ने अचानक नहीं लिया था। वह लगातार बेटी पर गर्भपात कराने का दबाव बना रहा था, लेकिन वह इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। इसी जिद के चलते पिता उसे एक बहाने से अपने पुश्तैनी गांव ले गया और चंबल नदी के किनारे ले जाकर पहले खुदकुशी करने का दबाव बनाया। जब बेटी नदी से बाहर आई, तो उसने खुद उसका गला पकड़कर उसे पानी में डुबो दिया। इस सनसनीखेज मामले में दिल्ली पुलिस आरोपी पिता और उसके दामाद को लेकर आगरा पहुंची थी, लेकिन बुधवार तक चले तलाशी अभियान के बावजूद शव बरामद नहीं हो सका। रिमांड अवधि पूरी होने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को वापस ले जाकर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
आरोपी पिता मूल रूप से बासौनी के एक गांव का रहने वाला है और पिछले 15 वर्षों से परिवार के साथ दिल्ली के दक्षिण तिगड़ी इलाके में रह रहा था। करीब आठ साल पहले मां का साया उठ जाने के बाद इसी युवती ने घर की पूरी जिम्मेदारी संभाली थी। तीन भाई-बहनों में वह मझली थी और हाईस्कूल की परीक्षा पास करने से पहले ही उसकी पढ़ाई छूट गई थी। पुलिस जांच के अनुसार, दिल्ली में ही बस्ती के दूसरे समुदाय के एक युवक के साथ उसके प्रेम संबंध हो गए थे। परिवार की गैर-मौजूदगी में युवक का घर आना-जाना था। पिता को इस रिश्ते की भनक तब लगी जब बेटी चार महीने की गर्भवती हो चुकी थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता ने खुलासा किया कि जब उसने प्रेमी पर दबाव बनाया तो वह शादी से साफ मुकर गया, लेकिन बेटी ने भी गर्भपात कराने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पिता ने 28 जुलाई को दवा दिलाने के बहाने दामाद के साथ बेटी को गांव लाने की साजिश रची। रास्ते में एक रिश्तेदार के यहां रुकने के बाद 29 जुलाई को वे बासौनी स्थित चंबल नदी के घाट पहुंचे और युवती को पानी में डुबोकर मार डाला। दिल्ली लौटने के बाद उसने झूठी कहानी गढ़ी कि बेटी ने जहर खाकर अपनी जान दे दी है और सबूत के तौर पर चंबल नदी में विसर्जन के कुछ फोटो भी दिखाए। हालांकि, पांच दिन की कस्टडी रिमांड पर लेकर जब दिल्ली पुलिस सोमवार को बासौनी पहुंची, तो तीन दिन तक नदी खंगालने के बाद भी बुधवार शाम पुलिस टीम खाली हाथ लौट आई।
पिनाहट से लेकर बासौनी घाट तक युवती के शव को ढूंढने के लिए प्रशासन ने भारी जद्दोजहद की। तिगड़ी थाने के इंस्पेक्टर मुकेश यादव, उप निरीक्षक राहुल, कांस्टेबल महेश व प्रवीण सहित पीएसी के जवान संतोष, रिषी, राहुल यादव, कृष्णवीर, अजीत, गोपाल और वन विभाग की टीम ने मोटरबोट के जरिए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा में करीब 12 किलोमीटर के दायरे में सघन तलाश अभियान चलाया।
तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने चंबल नदी में कांटे डलवाए और नदी किनारे की झाड़ियों को भी पूरी तरह खंगाला। आसपास के गांवों जैसे क्योरी, उमरैठापुरा, जेबरा, पुरा शिवलाल, पुरा डाल और बासौनी के स्थानीय लोगों से संपर्क कर अपील की गई कि यदि शव कहीं दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। बुधवार शाम तक चले इस अभियान के असफल रहने के पीछे अधिकारियों का मानना है कि नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर और तेज बहाव के कारण शव बहकर इटावा के पचनदा तक जा पहुंचा होगा या फिर नदी में सक्रिय मगरमच्छों का निवाला बन गया होगा, क्योंकि सर्च ऑपरेशन के दौरान टीम को कई बार मगरमच्छ नजर आए थे।
आरोपी परिवार के पैतृक गांव के लोगों ने इस खौफनाक हत्या पर पूरी तरह चुप्पी साध रखी है। घर पर मिले अन्य परिजन किसी भी तरह की जानकारी होने से साफ इनकार करते हुए नजर आए और दावा किया कि उनका पिछले 36 साल से कोई संपर्क नहीं रहा है। हालांकि, दबी जुबान ग्रामीणों ने यह जरूर बताया कि आरोपी पिता ने अपनी ज्यादातर जमीन बेच दी थी और केवल दो बीघा जमीन बची है, जिसे वह गिरवी रखकर काम चलाता था। इस अंतरजातीय प्रेम संबंध और खौफनाक अंत को लेकर बासौनी इलाके की महिलाओं और स्थानीय लोगों में सिर्फ कानाफूसी और चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन डर के मारे कोई भी खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
Location : Agra
Published : 6 August 2026, 12:04 PM IST
Topics : Agra Police Investigation Agra Crime Chambal Honor Killing delhi crime news Pregnant Daughter Murder