
अतीक-अशरफ की 345 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त (Img: Dynamite News)
Prayagraj: माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ, पत्नी शाइस्ता परवीन और अन्य करीबी रिश्तेदारों की करीब 345 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को जिला प्रशासन ने जब्त कर लिया है। कार्रवाई के तहत प्रयागराज, लखनऊ और कौशाम्बी में स्थित 18 संपत्तियां कब्जे में ली गई हैं। इनमें जमीन, मकान, बैंक खातों में जमा धनराशि और चारपहिया वाहन शामिल हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अवैध रूप से निर्मित भवनों पर जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन की कार्रवाई में अतीक अहमद और उसके परिजनों के नाम दर्ज करीब 345 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया गया है। इनमें विभिन्न बैंकों के खातों में जमा धनराशि, आवासीय और व्यावसायिक भवन, भूखंड तथा वाहन शामिल हैं। शाइस्ता परवीन के नाम दर्ज कई संपत्तियां भी कार्रवाई की जद में आई हैं।
जब्त की गई संपत्तियों में सबसे अधिक मूल्य की संपत्ति फूलपुर तहसील के झूंसी स्थित हवेलिया क्षेत्र में है, जिसकी अनुमानित कीमत 123.28 करोड़ रुपये बताई गई है। यह संपत्ति अतीक के पिता हाजी फिरोज अहमद, भाई उस्मान अहमद और अन्य परिजनों के नाम दर्ज है। इसके अलावा शाइस्ता परवीन के नाम झूंसी के कटका गांव में लगभग 5 करोड़ रुपये तथा सदर तहसील के अकबरपुर मिर्जापुर में करीब 76 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।
लखनऊ के भैसोरा गांव में करीब 30.60 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन, गोमतीनगर के विनजयंत नगर में लगभग 4 करोड़ रुपये का मकान और फैजुल्लाबाद वार्ड के शेरवानी नगर में करीब 8 करोड़ रुपये मूल्य का मकान भी प्रशासन ने जब्त किया है। इसके अलावा अतीक के विभिन्न बैंक खातों में जमा 113.61 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि को भी जब्ती की कार्रवाई में शामिल किया गया है।
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प्रयागराज के चकिया, ओम प्रकाश सभासद नगर, कालिंदीपुरम, सिविल लाइंस, कर्बला, करेली, नीमसराय, नसीरपुर सिलना, ऐनुद्दीनपुर और कटका सहित कई क्षेत्रों में स्थित मकान और जमीन जब्त की गई हैं। वहीं कौशाम्बी के चायल तहसील क्षेत्र के रसूलाबाद उर्फ कोइलहा तथा कसारी मसारी में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य की जमीनें भी प्रशासन के कब्जे में ली गई हैं।
जिला प्रशासन ने जब्त संपत्तियों पर किसी प्रकार के निर्माण, तोड़फोड़ या खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी है। इन संपत्तियों की निगरानी की जिम्मेदारी प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी, एडीएम नजूल, एडीएम सिटी, एडीएम एफआर तथा संबंधित एसडीएम को सौंपी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण वाले भवनों पर नियमानुसार जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
Location : Prayagraj
Published : 24 July 2026, 6:55 PM IST