
करोड़ों के फर्जीवाड़े में 3 गिरफ्तार (सोर्स-डाइनामाइट न्यूज)
Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित फर्जीवाड़े के मामले में प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम पुलिस ने अपात्र लोगों के नाम पर योजना की राशि आवंटित कराने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें कुंडा तहसील में तैनात संविदा वीआरसी ऑपरेटर भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, जांच में 3 लाख 18 हजार से अधिक फर्जी पंजीकरण सामने आए हैं। आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित गड़बड़ी का मामला करीब दो महीने पहले सामने आया था। आरोप था कि योजना के तहत करोड़ों रुपये की राशि अपात्र लोगों के खातों में आवंटित की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और उप कृषि निदेशक ने पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी आलोक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी सरकारी पोर्टल की लॉगिन आईडी और पासवर्ड का कथित दुरुपयोग कर अपात्र लोगों का पंजीकरण करते थे। आरोप है कि वैध भूमि रिकॉर्ड के बिना ही लोगों का डेटा पोर्टल पर दर्ज किया जाता था। जांच के दौरान अब तक 3 लाख 18 हजार से अधिक फर्जी पंजीकरण सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, इन पंजीकरणों में कितने लोगों को वास्तव में योजना की राशि मिली और सरकारी खजाने को कुल कितना नुकसान हुआ, इसका अंतिम आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान शिवकुमार यादव, अनुराग गुप्ता और जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों की कथित भूमिकाएं अलग-अलग थीं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।
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पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, सात एक्टिव सिम कार्ड और एक बायोमेट्रिक फिंगर स्कैनर बरामद किया है। बरामद मोबाइल फोन में आईफोन 16 प्रो, सैमसंग S25, दो वीवो V29 प्रो और एक रियलमी 8 शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा पुलिस को यूपीआई लेन-देन के स्क्रीनशॉट, व्हाट्सएप ग्रुप की चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस इन उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर कथित फर्जीवाड़े के तरीके, वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटा रही है।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी पंजीकरण कराने में किन लोगों की भूमिका थी, योजना की राशि किन खातों में पहुंची और सरकारी धन का कितना दुरुपयोग हुआ। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, घोटाले की वास्तविक वित्तीय राशि और अन्य आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
Location : Pratapgarh
Published : 27 October 2026, 8:14 PM IST
Topics : Cyber Crime Police Fake Farmer Registration Government Scheme Fraud PM Kisan Samman Nidhi Scam pratapgarh news