Prayagraj:  खाते से चुपके-चुपके निकलते रहे लाखों रूपये, विधायक को भनक तक नहीं लगी

भाजपा विधायक पूजा पाल के बैंक खाते से 22 अगस्त से 13 सितंबर के बीच करीब 1.55 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी का मामला सामने आया है। PhonePe और UPI के जरिए हुए ट्रांजैक्शन को लेकर एफआईआर दर्ज हुई है। विधायक ने iPhone हैक होने की आशंका जताई है, जिसकी जांच जारी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 September 2026, 2:02 PM IST

Prayagraj:  उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की चायल विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा पाल साइबर ठगी का शिकार हो गई हैं। उनके बैंक खाते से 22 अगस्त से 13 सितंबर 2026 के बीच कई बार में करीब 1.55 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी की गई। रकम PhonePe और UPI के जरिए निकाले जाने की बात सामने आई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद विधायक की शिकायत पर प्रयागराज के धूमनगंज थाने में अज्ञात जालसाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

बैंक स्टेटमेंट देखकर सामने आया मामला

पूजा पाल का धूमनगंज स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में बैंक खाता है। शिकायत के मुताबिक, खाते से अलग-अलग तारीखों में कई अनधिकृत ट्रांजैक्शन हुए। विधायक को इन लेनदेन की जानकारी तत्काल नहीं हुई। 14 सितंबर को जब उन्होंने अपना बैंक स्टेटमेंट चेक किया, तब खाते से बिना उनकी जानकारी के रकम निकाले जाने का पता चला।

इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की।

iPhone हैक होने की जताई आशंका

पुलिस को दी गई तहरीर में विधायक ने आशंका जताई है कि किसी ने उनके iPhone में अनधिकृत तरीके से प्रवेश किया। उनका संदेह है कि मोबाइल में मौजूद बैंकिंग और निजी डेटा तक पहुंच बनाने के बाद साइबर ठगी को अंजाम दिया गया हो सकता है।

हालांकि, मोबाइल फोन वास्तव में हैक हुआ था या साइबर अपराधियों ने किसी अन्य माध्यम से बैंकिंग जानकारी हासिल की, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

PhonePe और UPI ट्रांजैक्शन की जांच

पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब प्रयागराज पुलिस की साइबर सेल मामले की तकनीकी जांच में जुटी है। मोबाइल डिवाइस, बैंक स्टेटमेंट, PhonePe और UPI से जुड़े लेनदेन की जानकारी खंगाली जा रही है।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि रकम किन खातों या यूपीआई आईडी में ट्रांसफर हुई और उन लेनदेन के पीछे कौन लोग शामिल हैं।

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जांच से खुलेगा साइबर ठगी का राज

फिलहाल पुलिस ने मामले में किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। iPhone में सेंध की विधायक की आशंका भी तकनीकी जांच का हिस्सा होगी। जांच पूरी होने के बाद ही साइबर ठगी के तरीके और आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Prayagraj

Published :  19 September 2026, 2:02 PM IST