एक ही पते पर रेस्टोरेंट का खेल, खुद ही ऑर्डर और मिनटों में डिलीवरी! स्विगी फ्रॉड की चौंकाने वाली कहानी

गाजियाबाद में स्विगी प्लेटफॉर्म पर कथित सेल्फ-ऑर्डर और संदिग्ध क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल का मामला सामने आया है। स्विगी की रिस्क मैनेजमेंट टीम की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो रेस्टोरेंट संचालकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में करीब 19.38 लाख रुपये के 85 ऑर्डर, 52 क्रेडिट कार्ड और महज पांच-छह मिनट में पूरी दिखाई गई डिलीवरी का जिक्र है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 19 September 2026, 12:44 PM IST

Ghaziabad: सोचिए, आपने अपने ही रेस्टोरेंट से खुद खाना ऑर्डर किया और फिर ऐसी तेजी दिखाई कि 75 मिनट की डिलीवरी महज पांच मिनट में पूरी हो गई। मामला सिर्फ इतनी तेजी तक सीमित नहीं रहा। स्विगी की आंतरिक जांच में कथित तौर पर ऐसे कई ऑर्डर सामने आए, जिनमें बड़ी रकम के लेनदेन, बेहद कम डिलीवरी टाइम और एक जैसे डिवाइस आइडेंटिफायर ने शक बढ़ा दिया। अब इस कथित सेल्फ-ऑर्डर और संदिग्ध क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो रेस्टोरेंट संचालकों और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

लाखों के ऑर्डर ने खींचा स्विगी का ध्यान

शिकायत के मुताबिक, स्विगी की वैल्यूएशन और ट्रांजेक्शन की आंतरिक जांच के दौरान राधा की रसोई और श्याम रसोई से जुड़े कई ऐसे ऑर्डर सामने आए, जो सामान्य ऑर्डर पैटर्न से अलग थे। खास तौर पर इन ऑर्डरों में रकम काफी ज्यादा थी। शिकायत में बताया गया है कि राधा की रसोई से सितंबर 2025 से 26 मार्च 2026 के बीच करीब 19.38 लाख रुपये के 85 ऑर्डर किए गए। इनमें करीब 74 प्रतिशत ऑर्डर ऐसे थे, जिनकी कीमत 10 हजार रुपये से ज्यादा थी। जांच में 36 ऑर्डर 30 हजार रुपये से अधिक और 17 ऑर्डर 20 हजार रुपये से ज्यादा के बताए गए हैं।

75 मिनट की डिलीवरी पांच-छह मिनट में कैसे पूरी?

मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात डिलीवरी टाइम को लेकर सामने आई है। शिकायत के अनुसार, कई ऑर्डरों के लिए डिलीवरी एसएलए करीब 76 मिनट का था, लेकिन उन्हें सिर्फ पांच से छह मिनट में ही पूरा दिखाया गया। इतना ही नहीं, इन ऑर्डरों में अंतिम डिलीवरी की दूरी भी सामान्य तौर पर 500 मीटर से कम बताई गई है। यानी जिन ऑर्डरों को पूरा करने के लिए काफी ज्यादा समय निर्धारित था, वे कथित तौर पर कुछ ही मिनटों में डिलीवर दिखा दिए गए।

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52 क्रेडिट कार्ड के दोबारा इस्तेमाल का आरोप

जांच में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आने का दावा किया गया है। शिकायत के मुताबिक, कम से कम 52 अलग-अलग क्रेडिट कार्ड का दोबारा इस्तेमाल किए जाने की जानकारी मिली। स्विगी की ओर से दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ ऑर्डरों में चोरी या संदिग्ध क्रेडिट कार्ड की जानकारी का इस्तेमाल किया गया। हालांकि इन कार्डों का वास्तविक इस्तेमाल किसने किया और कार्डधारकों की जानकारी कैसे हासिल हुई, यह पुलिस की जांच का विषय है।

एक जैसे डिवाइस आइडेंटिफायर से बढ़ा शक

जांच के दौरान कई ग्राहक खातों में एक जैसे डिवाइस आइडेंटिफायर मिलने की बात भी शिकायत में कही गई है। सामान्य तौर पर अलग-अलग ग्राहकों के खाते अलग-अलग डिवाइस से इस्तेमाल होने की उम्मीद रहती है। ऐसे में कई खातों से एक जैसे डिवाइस आइडेंटिफायर मिलने पर स्विगी की जांच टीम ने इसे संदिग्ध पैटर्न माना।

जिस पते पर रेस्टोरेंट था, वहां मिला फर्नीचर हाउस

जांच में रेस्टोरेंट के पते को लेकर भी सवाल सामने आया। शिकायत के मुताबिक राधा की रसोई के लिए वैषाली सेक्टर-3 स्थित जिस दुकान का पता दर्ज था, जांच के दौरान वहां आस्था फर्नीचर हाउस संचालित मिला। शिकायत में इसी पते का संबंध पहले श्याम रसोई से भी बताया गया है। स्विगी के अनुसार, श्याम रसोई को कथित सेल्फ-ऑर्डर गतिविधि के चलते पहले ही प्लेटफॉर्म से निष्क्रिय किया जा चुका था।

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खुद के रेस्टोरेंट पर ऑर्डर कर रकम बढ़ाने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, रेस्टोरेंट से जुड़े लोगों पर आरोप है कि उन्होंने ग्राहक खातों को कथित तौर पर अपने नियंत्रण में लेकर उन्हीं खातों से अपने रेस्टोरेंट के नाम पर ऑर्डर किए। इसके बाद भुगतान स्वीकृत होने पर ऑर्डर बेहद कम समय में पूरा दिखाया गया। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म के सिस्टम का कथित दुरुपयोग करने का मामला हो सकता है। हालांकि अभी पुलिस जांच शुरुआती स्तर पर है और आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

साइबर क्राइम पुलिस खंगाल रही डिजिटल रिकॉर्ड

एफआईआर दर्ज होने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में ऑर्डर से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, ग्राहक खातों, डिवाइस आइडेंटिफायर, भुगतान के तरीके और क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।

Location :  Ghaziabad

Published :  19 September 2026, 12:44 PM IST