Pahalgam Attack Case: लश्कर Commander सैफुल्ला के खिलाफ NIA Court ने जारी किया Non-Bailable Warrant

NIA ने इससे पहले अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा के नेतृत्व वाले कथित आतंकी समूह का खुलासा किया था। एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्ला को पाकिस्तानी नागरिक उस्मान उर्फ खुबैब और तीन स्थानीय सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा था।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 17 September 2026, 1:02 PM IST

Jammu: जम्मू की विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अदालत ने पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर सैफुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, सैफुल्ला का नाम अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले समेत कई आतंकी गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आया है।

जांच एजेंसी का आरोप है कि सैफुल्ला पाकिस्तान से बैठकर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को निर्देश, हथियार और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में भूमिका निभाता रहा है।

पाकिस्तान से संचालित लश्कर नेटवर्क की जांच

अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े नेटवर्क की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

NIA ने इससे पहले अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा के नेतृत्व वाले कथित आतंकी समूह का खुलासा किया था। एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्ला को पाकिस्तानी नागरिक उस्मान उर्फ खुबैब और तीन स्थानीय सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया गया था।

जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा था।

सैफुल्ला पर हथियार और फंडिंग पहुंचाने का आरोप

NIA ने अदालत को बताया कि सैफुल्ला पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकियों तक हथियार, धन और अन्य सहायता पहुंचाने का काम कर रहा था।

जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक के पास सैफुल्ला से जुड़ी टेलीग्राम पहचान मिली थी। एजेंसी का दावा है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से आतंकी गतिविधियों के संचालन और निर्देश देने से जुड़े संकेत मिले हैं।

दो दशक से अधिक समय से सक्रिय होने का दावा

NIA के अनुसार, सैफुल्ला वर्ष 2005 से 2007 के बीच कुलगाम जिले में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कमांडर के तौर पर सक्रिय था। इसके बाद वह पाकिस्तान चला गया और वहां से संगठन की गतिविधियों को संचालित करने लगा।

जांच एजेंसी के मुताबिक, सैफुल्ला को आतंकी संगठन में साजिद जट्ट, अली भाई, हबीबुल्लाह मलिक, लंगड़ा, नूमी, नुमान, उस्मान हबीब और शानी जैसे नामों से भी जाना जाता है।

अदालत के आदेश के बाद कानूनी कार्रवाई तेज

NIA की दलीलों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद विशेष अदालत ने सैफुल्ला के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने माना कि आरोपी फरार है और उसे सामान्य प्रक्रिया के जरिए अदालत में पेश नहीं किया जा सका है।

वारंट कुलगाम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, सैफुल्ला का आखिरी ज्ञात पता दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के यमराच गांव से जुड़ा बताया गया है।

NIA अब सैफुल्ला की गिरफ्तारी और उसके कथित आतंकी नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है।

Location :  Jammu

Published :  17 September 2026, 1:02 PM IST