एक चेक और तीन चेहरे! बीमा की रकम हड़पने वाले गिरोह का चौंकाने वाला खुलासा, पढ़ें मुजफ्फरनगर की सनसनीखेज कहानी

मुजफ्फरनगर में साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे बीमा धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने मैच्योरिटी की बड़ी रकम पर नजर गड़ाकर पूरा खेल रच डाला। हैरानी की बात यह है कि मामले में एक बैंक कर्मचारी का नाम भी सामने आया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 June 2026, 8:10 PM IST

Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस ने एक बड़े बीमा धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने एक बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि को हड़पने के लिए सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा किया और करीब 60 लाख रुपये अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। मामले में एक बैंक कर्मचारी की संलिप्तता सामने आने से पूरे प्रकरण ने और भी गंभीर रूप ले लिया है।

2019 में ली गई थी बीमा पॉलिसी

पुलिस के अनुसार हरिद्वार निवासी सुमनलता ने वर्ष 2019 में एक जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी थी। कुछ समय बाद आर्थिक कारणों से वह नियमित रूप से प्रीमियम जमा नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने पॉलिसी को बंद कर अपनी जमा धनराशि वापस लेने के लिए आवेदन किया। बीमा कंपनी ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 60 लाख 37 हजार रुपये की राशि का चेक जारी किया और उसे कूरियर के माध्यम से भेजा। लेकिन यह चेक कभी भी संबंधित महिला तक नहीं पहुंचा। शुरुआत में इसे सामान्य देरी माना गया, लेकिन जब काफी समय तक रकम नहीं मिली तो मामले की शिकायत की गई।

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चेक गायब और शुरू हुआ पूरा खेल

जांच में सामने आया कि चेक को रास्ते में ही धोखाधड़ी के जरिए गायब कर दिया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर चेक में हेरफेर कर उसे मुजफ्फरनगर के एक बैंक खाते में जमा करा दिया। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निकाला जाने लगा। जब साइबर क्राइम पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड, लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की तो पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। पुलिस को पता चला कि यह काम किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का था।

बैंक कर्मचारी भी शामिल

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिरालसी निवासी प्रवीन, पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत रामभूल और चरथावल निवासी डॉ. दिलशाद को गिरफ्तार कर लिया। जांच में बैंक कर्मचारी की भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उससे भी पूछताछ की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो बैंक पासबुक और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।

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साइबर टीम को मिला इनाम

इस मामले का सफल खुलासा करने वाली साइबर क्राइम टीम की सराहना करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने टीम को 10 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  21 June 2026, 8:10 PM IST