
सतपाल सत्तू पुलिस मुठभेड़ में घायल (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में सोमवार देर रात पुलिस और स्वात (SOG) टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। चार राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका कुख्यात और शातिर अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू सिविल लाइन थाना पुलिस और एसओजी टीम के साथ हुई एक मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। इस मुठभेड़ के दौरान बदमाश की तरफ से की गई फायरिंग में एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपी के चंगुल से अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद कर लिया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की का अपहरण करने वाला शातिर बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से क्षेत्र में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और एसओजी की टीम ने बामनहेड़ी रुड़की रोड पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू की।
इसी दौरान एक सफेद रंग की हुंडई औरा (Aura) कार को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। खुद को पुलिस से घिरा देख कार सवार बदमाश ने पुलिस पार्टी पर सीधी फायरिंग झोंक दी और भागने का प्रयास किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया।
इस दुस्साहसिक मुठभेड़ में बदमाश की गोली लगने से सब इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित भी घायल हो गए। मुठभेड़ के तुरंत बाद पुलिस प्रशासन ने घायल बदमाश और दोनों घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहाँ डॉक्टरों ने बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू की नाजुक हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है।
घायल आरोपी को ले जाती पुलिस टीम (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
एसपी सिटी अमृत जैन ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सतपाल उर्फ सत्तू (निवासी चंडीगढ़) एक अत्यंत शातिर और दुराचारी किस्म का अपराधी है। यह शातिर अपराधी 11 जुलाई 2010 को उस समय सुर्खियों में आया था जब इसे मेरठ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि इसके तार अंडरवर्ल्ड के 'छोटा राजन गैंग' से जुड़े हुए हैं। खुद को छिपाने और समाज में रसूख दिखाने के लिए यह शातिर खुद को रणजी क्रिकेट खिलाड़ी भी बताता था। इस अपराधी पर मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।
पकड़ा गया आरोपी लगभग 15 साल देश की अलग-अलग जेलों में बिता चुका है। फरवरी 2026 में यह लुधियाना जेल में पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। जेल से भागने के बाद पिछले 4 महीनों के भीतर इसने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न जिलों (जैसे मेरठ, सहारनपुर, करनाल और मुजफ्फरनगर) से 10 से अधिक नाबालिग लड़कियों का अपहरण किया। वह पीड़ित लड़कियों को लूट की गाड़ियों और होटलों में रखकर उनके साथ बलात्कार और गैंगरेप जैसी घिनौनी वारदातों को अंजाम देता था। इस अपराधी पर हत्या, लूट, डकैती, बलात्कार और रंगदारी के दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
एसपी सिटी के अनुसार, यह अपराधी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छुपाता था। यह केवल कीपैड वाला मोबाइल फोन इस्तेमाल करता था, जो अधिकतर बंद रहता था। पहचान उजागर होने के डर से यह टोल टैक्स वाले रास्तों से बचता था और अपने परिवार से भी पूरी तरह दूर रहता था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा द्वारा गठित 10 टीमों ने करीब 1000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद इस तक पहुँचने में सफलता पाई।
पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरनगर से किडनैप की गई नाबालिग लड़की को सकुशल मुक्त कराकर उसके परिजनों के पास भेज दिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 23 June 2026, 8:43 AM IST
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