Fire Tragedy: जिस कोचिंग में बच्चे बना रहे हैं भविष्य, वहां की सुरक्षा जानकर चौंक जाएंगे आप भी

हजारों छात्र जिन इमारतों में रोज पढ़ाई करने पहुंचते हैं, वहां कई जगह सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम तक नहीं मिले। हालिया जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जो किसी बड़े हादसे की आशंका को नजरअंदाज नहीं करने देते। आखिर जांच में क्या मिला और प्रशासन अब क्या करने जा रहा है।

Post Published By: Subhash Raturi
Updated : 23 June 2026, 3:58 PM IST

Moradabad: शहर और जिले के विभिन्न हिस्सों में संचालित कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। हजारों छात्र रोज जिन कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाते हैं, उनमें से अधिकांश के पास आग लगने जैसी आपात स्थिति से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। हाल ही में हुई जांच में कई ऐसी कमियां सामने आई हैं, जिन्होंने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

लखनऊ हादसे के बाद शुरू हुई जांच

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद मुरादाबाद में भी दमकल विभाग सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने जिले के कई कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी की जांच शुरू की। जांच के दौरान पाया गया कि कई संस्थान ऐसे स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जहां पहुंचना तक मुश्किल है। कई कोचिंग सेंटर संकरी गलियों में चल रहे हैं, जहां जरूरत पड़ने पर दमकल की गाड़ी तक नहीं पहुंच सकती। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

सिर्फ 14 कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी

जानकारी के अनुसार, जिले में बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनमें से केवल 14 संस्थानों के पास ही फायर एनओसी है। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय में सिर्फ 16 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। इसके विपरीत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चल रही हैं, जो न तो पंजीकृत हैं और न ही उनके पास अग्नि सुरक्षा से संबंधित जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं।

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छोटे कमरों में पढ़ रहे छात्र

मुरादाबाद शहर के अलावा ठाकुरद्वारा, कुंदरकी, बिलारी, कांठ, पाकबड़ा, भोजपुर और मूंढापांडे जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई संस्थान छोटे कमरों और सीमित जगहों में चल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे स्थानों पर आग या अन्य आपदा की स्थिति में छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

जांच में मिलीं कई कमियां

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजीव कुमार पांडेय के निर्देश पर हैलेट रोड, कटघर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा फायर स्टेशन की पांच टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने विभिन्न कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान शहर के तीन और ठाकुरद्वारा के एक कोचिंग सेंटर में अग्निशमन उपकरणों की कमी और सुरक्षा मानकों में खामियां पाई गईं। इसके बाद संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं।

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एक सप्ताह चलेगा अभियान

दमकल विभाग का यह अभियान अगले एक सप्ताह तक जारी रहेगा। इस दौरान फायर एनओसी, अग्निशमन उपकरण, एंट्री और एग्जिट प्वाइंट समेत अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि निर्धारित मानकों के अनुसार कुछ छोटे कोचिंग सेंटरों को फायर एनओसी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, लेकिन सुरक्षा के बुनियादी इंतजाम सभी संस्थानों के लिए जरूरी हैं।

Location :  Moradabad

Published :  23 June 2026, 3:58 PM IST