जहां पसीना पानी हुआ, वहां अन्न ‘जहर’ क्या मिर्जापुर के इस गेहूं केंद्र पर जानबूझकर रचा गया ‘सड़ांध’ का खेल?

मिर्जापुर के जमालपुर में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर समय से उठान न होने के कारण सैकड़ों कुंटल गेहूं बारिश में भीगकर सड़ गया। चूहों से भी नुकसान होने का आरोप है। लोगों ने मामले की जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 29 August 2026, 1:33 PM IST

Mirzapur: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के जमालपुर विकास खंड क्षेत्र में सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर सैकड़ों कुंटल गेहूं के खराब होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि समय पर गेहूं का उठान नहीं होने और उचित भंडारण व्यवस्था के अभाव में बड़ी मात्रा में अनाज बारिश में भीगकर सड़ गया। वहीं चूहों द्वारा बोरियों को कुतरने से भी गेहूं को नुकसान पहुंचा है।

खुले में रखी बोरियां बारिश में भीगी

जानकारी के अनुसार, चौकियां संघ द्वारा संचालित सरकारी गेहूं खरीद केंद्र पर खरीदे गए गेहूं का समय से उठान नहीं किया गया। इसके चलते बड़ी संख्या में गेहूं की बोरियां केंद्र परिसर में पड़ी रहीं। बारिश के दौरान बोरियां भीग गईं, जिससे उनमें रखा गेहूं खराब हो गया।

बताया जा रहा है कि खराब और सड़ा हुआ गेहूं अभी भी बोरियों में भरकर खरीद केंद्र परिसर में कई स्थानों पर पड़ा हुआ है।

खुले में रखी बोरियां बारिश में भीगी (Img: Dynamite News)

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चूहों ने भी पहुंचाया नुकसान

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय तक बोरियों के खुले में पड़े रहने के कारण चूहों ने भी कई बोरियों को कुतर दिया। इससे गेहूं की गुणवत्ता खराब हो गई और बड़ी मात्रा में अनाज बर्बाद हो गया।

लोगों का कहना है कि किसानों की मेहनत से पैदा होने वाले अनाज की इस तरह बर्बादी विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

जिम्मेदारी तय करने की मांग

मामले को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में अनाज के नुकसान का जिम्मेदार कौन है और इसकी जवाबदेही किसकी तय होगी। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच कर नुकसान के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायतें (Img: Dynamite News)

अन्नदाता मंच ने उठाए सवाल

अन्नदाता मंच के संयोजक चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि खरीद केंद्रों की अव्यवस्था और लापरवाही की शिकायतें सामने आने के बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया जाता। कई बार शिकायतों के बाद केंद्रों को बंद कर दिया जाता है, जिसका सीधा नुकसान क्षेत्र के किसानों को उठाना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि अनाज की बर्बादी रोकने के लिए खरीद केंद्रों पर बेहतर भंडारण व्यवस्था और समय से उठान सुनिश्चित किया जाना जरूरी है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और भविष्य में इस तरह किसानों की उपज बर्बाद होने से रोकने के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की है।

Location :  Mirzapur

Published :  29 August 2026, 1:33 PM IST