लाल किला ब्लास्ट चार्जशीट में बड़े खुलासे, जूते में छिपाया था बम का रिमोट; ऐसे रची गई थी साजिश

लाल किले के पास वाहन बम विस्फोट मामले में NIA की चार्जशीट से कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी उमर-उन-नबी ने जूते में रिमोट सिस्टम छिपाकर IED ब्लास्ट किया था। चार्जशीट में पार्किंग प्लान, विस्फोटक तैयारी और संदिग्ध गतिविधियों का जिक्र किया गया है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 10 September 2026, 1:22 PM IST

नई दिल्ली: लाल किले के पास हुए वाहन बम विस्फोट मामले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की चार्जशीट से कई अहम खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी उमर-उन-नबी ने लाल किले को निशाना बनाने से पहले चांदनी चौक स्थित लाल मंदिर के पास वाहन खड़ा करने की कोशिश की थी, लेकिन भारी भीड़ और पुलिस की मौजूदगी के कारण वह अपनी योजना में सफल नहीं हो सका।

इसके बाद उसने कार को लाल किले की ओर मोड़ दिया और कुछ ही देर बाद वहां विस्फोट कर दिया। NIA ने इसे दिल्ली में पहला वाहन आधारित IED हमला बताया है।

लाल मंदिर से लाल किले तक 13 मिनट में बदला प्लान

चार्जशीट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज में उमर-उन-नबी को 10 नवंबर की शाम करीब 6:37 बजे लाल मंदिर के पास कार पार्क करने की कोशिश करते देखा गया।

हालात अनुकूल नहीं होने पर उसने वहां से यू-टर्न लिया और करीब 13 मिनट बाद शाम 6:50 बजे लाल किले के गेट नंबर-4 के पास विस्फोट कर दिया।

जांच एजेंसी का दावा है कि यह हमला पूरी योजना के तहत किया गया था और आरोपी ने पहले से वाहन, विस्फोटक और रिमोट सिस्टम तैयार कर रखा था।

जूते में छिपाया था विस्फोट का रिमोट सिस्टम

NIA की जांच में सामने आया कि IED को रिमोट कमांड सिस्टम से सक्रिय किया गया था। यह रिमोट तंत्र आरोपी के जूते में लगाया गया था।

जांच के दौरान कार के पास मिले जूते की एड़ी से जुड़े धातु के हिस्से की फोरेंसिक जांच की गई, जिसमें TATP, पोटैशियम और अमोनियम नाइट्रेट जैसे पदार्थों की मौजूदगी मिली।

कार से मिले डीएनए नमूनों का मिलान उमर-उन-नबी के माता-पिता से किया गया, जिसके बाद उसकी पहचान की पुष्टि हुई।

कमरे को ठंडा रखता था, विस्फोटक सुरक्षित रखने की कोशिश

चार्जशीट के अनुसार, उमर विस्फोटक सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरतता था। जांच में पता चला कि वह अपने कमरे का तापमान काफी कम रखता था।

गवाहों के मुताबिक, कमरे से लगातार दुर्गंध आती थी। आरोप है कि तैयार विस्फोटक को सुरक्षित रखने के लिए उसने पानी भरने वाले बैग भी खरीदे थे और मिश्रण को स्थिर बनाए रखने के लिए उसमें पानी डाला जाता था।

नूंह में छिपने के दौरान संदिग्ध गतिविधियां

NIA के अनुसार, पुलिस कार्रवाई के बाद फरार उमर ने नूंह में जिस घर में शरण ली थी, वहां भी उसका व्यवहार संदिग्ध था।

मकान मालिक की महिला सदस्य ने जांच एजेंसी को बताया कि वह बाहर जाकर पेशाब करने के बजाय उसे पॉलीथिन में जमा करता था, जिससे कमरे में बदबू फैल गई थी।

जांच में मिले एक दस्तावेज में यूरिया नाइट्रेट आधारित विस्फोटक तैयार करने की जानकारी मिलने का भी दावा किया गया है।

ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत, 29 घायल

NIA की चार्जशीट के मुताबिक, लाल किला ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 29 लोग घायल हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हाई-इंटेंसिटी ब्लास्ट वेव इफेक्ट बताया गया है।

जांच में आसपास की संपत्तियों को करीब Rs 17.7 लाख का नुकसान होने का भी अनुमान लगाया गया है।

आतंकी सामग्री मिलने का दावा

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों से आतंकी गतिविधियों से जुड़ी सामग्री भी बरामद की गई। इसमें "लोन मुजाहिद" से जुड़ी सामग्री और अलकायदा इन द अरेबियन पेनिनसुला (AQAP) की इंस्पायर पत्रिका से संबंधित दस्तावेज शामिल होने का दावा किया गया है।

NIA का कहना है कि इन दस्तावेजों में विस्फोटक, हथियार, वाहन, आगजनी और IED के रिमोट सिस्टम से जुड़ी जानकारी थी।

घटना से पहले खरीदे थे कपड़े

चार्जशीट के अनुसार, 7 नवंबर को उमर ने नूंह की एक दुकान से नकद भुगतान कर नई टी-शर्ट, शराबी रंग की शर्ट और हरे रंग की कार्गो पैंट खरीदी थी।

जांच एजेंसी अब इस मामले में आरोपी के संपर्कों और पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

Location :  New Delhi

Published :  10 September 2026, 1:22 PM IST