दहेज की आग में झुलसी एक और बेटी, ऊपर से रिश्वतखोर दरोगाओं की धमकी- क्या थाने की चौखट पर सचमुच नीलाम होता है न्याय?

मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र से सामने आए एक सनसनीखेज मामले ने खाकी की कार्यप्रणाली पर खड़े किए बड़े सवाल। आखिर क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 July 2026, 2:33 PM IST

Mainpuri: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष द्वारा एक महिला और उसकी बेटी के साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला गरमा गया है। हद तो तब हो गई जब पीड़िता ने किशनी थाने की पुलिस पर ही आरोपियों से मिलकर रिश्वत मांगने और मुकदमा दर्ज न करने के नाम पर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है।

चार पहिया वाहन और दो लाख नगद की मांग

कन्नौज जनपद के थाना छिबरामऊ अंतर्गत ग्राम महमूदपुर कीरत निवासी पिंकी देवी पत्नी विनोद ने मैनपुरी पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक शिकायती पत्र सौंपा है। शिकायती पत्र के अनुसार, उनकी बेटी श्वेता की शादी किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम उडेमहार निवासी राकेश (पुत्र प्रमोद कुमार) के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अतिरिक्त दहेज के रूप में चार पहिया वाहन और दो लाख रुपये नकद की मांग को लेकर श्वेता का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न कर रहे थे।

अमेठी के चर्चित विमलेश मर्डर केस में जांच तेज, तीन नए संदिग्धों से पॉलीग्राफ के जरिए होगी पूछताछ

दवा दिलाकर लौटते वक्त किया जानलेवा हमला

पीड़िता पिंकी देवी ने बताया कि बीती 20 जुलाई की रात वह अपनी बेटी श्वेता को दवा दिलाकर वापस उसकी ससुराल छोड़ने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान ससुराल पक्ष के लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि पति राकेश, देवर मनरेश, जेठ आर के उर्फ योगेश, जेठानी खुशबू, सास सुगरवती, ससुर प्रमोद कुमार, नननद ममता देवी और प्रशांत ने मिलकर मां-बेटी पर धावा बोल दिया।

आरोपियों पर लात-घूंसों और डंडों से ताबड़तोड़ हमला करने का आरोप है। इस खौफनाक मारपीट में पीड़िता पिंकी देवी के हाथ की हड्डी टूट (फ्रैक्चर) गई, जबकि उनकी बेटी श्वेता और उसके मासूम डेढ़ वर्षीय पुत्र को भी गंभीर चोटें आईं।

पुलिस पर रिश्वत मांगने और धमकी देने के आरोप

पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब वह न्याय की आस लेकर किशनी थाने पहुंचीं, तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी। थाने के दरोगा धर्मेंद्र यादव पर मुकदमा दर्ज करने की एवज में रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगाया गया है।

नाली तो साफ हो गई, लेकिन सड़क का क्या? देवरिया में नगर पालिका के दावों की खुली पोल, हादसे का शिकार हो रहे स्कूली बच्चे

यही नहीं, पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो दूसरे दरोगा छत्रपाल सिंह ने उन्हें दोबारा थाने आने पर किसी झूठे मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी। एक तरफ जहां पुलिस ने कथित तौर पर पीड़िता की तहरीर को दबा दिया, वहीं दूसरी तरफ आरोपियों द्वारा दर्ज कराए गए पक्ष पर कार्रवाई की बात सामने आ रही है।

एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक के दरबार में गुहार लगाकर पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही, मारपीट करने वाले ससुरालियों और रिश्वतखोर-धमकीबाज पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई है। इस सनसनीखेज मामले में फिलहाल पुलिस के उच्चाधिकारियों की ओर से आधिकारिक पक्ष आना अभी बाकी है, लेकिन इस घटना ने खाकी की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  Mainpuri

Published :  30 July 2026, 2:33 PM IST