Lucknow: हाथी दांत की तस्करी का भंडाफोड़; DRI के सीक्रेट ऑपरेशन में 4 तस्कर गिरफ्तार, करोड़ों की 54 कलाकृतियां बरामद

लखनऊ में राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हाथी दांत से बनी 54 दुर्लभ कलाकृतियां बरामद की हैं। इस मामले में चार कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामान में मूर्तियां, कंघी, कैंची, अगरबत्ती स्टैंड और सिंदूरदानी जैसी कई वस्तुएं शामिल हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 20 August 2026, 11:38 AM IST

Lucknow: राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) को हाथी दांत से बनी वस्तुओं के अवैध कारोबार की गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने निगरानी बढ़ाई और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। 19 अगस्त को लखनऊ में छापेमारी कर चार कथित तस्करों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से हाथी दांत से तैयार 54 कलाकृतियां बरामद हुईं।

कंघी, कैंची से लेकर मूर्तियां तक मिलीं

बरामद सामान में हाथी, बैल और कुत्ते की कलात्मक मूर्तियों के अलावा मानव आकृतियां, कंघी, कैंची, अगरबत्ती स्टैंड, सिंदूरदानी और अन्य सजावटी वस्तुएं शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी वस्तुओं पर बेहद बारीक नक्काशी की गई है, जिससे उनकी कलात्मक और एंटीक कीमत काफी अधिक मानी जा रही है।

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करोड़ों रुपये की हो सकती है कीमत

डीआरआई के अधिकारियों का कहना है कि बरामद कलाकृतियों का बाजार मूल्य और प्राचीन महत्व दोनों ही काफी अधिक हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इनकी कुल कीमत करोड़ों रुपये तक हो सकती है। विशेषज्ञ अब इन वस्तुओं की वास्तविक कीमत और प्राचीनता का आकलन करेंगे।

हाथी दांत के कारोबार पर है सख्त प्रतिबंध

भारत में हाथी दांत और उससे बनी वस्तुओं की खरीद-बिक्री और व्यापार वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत प्रतिबंधित है। हाथी दांत की तस्करी को गंभीर वन्यजीव अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

CITES के तहत भी नियंत्रित है व्यापार

भारत, CITES (Convention on International Trade in Endangered Species of Wild Fauna and Flora)  का सदस्य है। इस अंतरराष्ट्रीय समझौते का उद्देश्य लुप्तप्राय वन्यजीवों और उनसे जुड़े उत्पादों के अवैध व्यापार पर रोक लगाना है। हाथी दांत से जुड़े मामलों में इसी व्यवस्था के तहत भी सख्त निगरानी रखी जाती है।

वन विभाग करेगा आगे की कार्रवाई

डीआरआई ने बरामद सभी कलाकृतियां वन विभाग को सौंप दी हैं। अब वन विभाग वस्तुओं की जांच करेगा और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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वन्यजीव तस्करी पर बड़ी चोट

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्रवाई से हाथी दांत की अवैध तस्करी करने वाले गिरोहों पर बड़ा असर पड़ेगा। डीआरआई की यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण और अवैध व्यापार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Location :  Lucknow

Published :  20 August 2026, 11:38 AM IST