
प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
Lucknow: लखनऊ में गोमती नदी की बाढ़ अब लोगों के अंतिम सफर में भी बाधा बन रही है। गुलाला घाट के अंत्येष्टि स्थल में पिछले तीन दिनों से नदी का पानी भरा हुआ है। रविवार को घाट जाने वाली सड़क पर करीब डेढ़ फीट पानी तेज बहाव के साथ बहता रहा। ऐसे में शव लेकर घाट पहुंचना और अंतिम संस्कार करना परिजनों के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
रविवार दोपहर करीब एक बजे एक शव वाहन गुलाला घाट पहुंचा। चालक ने आगे की स्थिति जानने के लिए वहां मौजूद लोगों से जानकारी ली। इसके बाद वह धीरे-धीरे वाहन को पानी के बीच से आगे ले गया। घाट पहुंचने के बाद शव को वाहन से उतारा गया। परिजनों को पानी से गुजरते हुए शव को चबूतरे तक ले जाना पड़ा।
अंत्येष्टि स्थल परिसर में भी करीब एक फीट पानी भरा हुआ है। पानी अब वहां रखी लकड़ियों तक पहुंच गया है। इससे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में भी परेशानी हो रही है।
घाट की व्यवस्था देखने वाले वीरेंद्र पांडे के अनुसार, परिसर में पानी भरने के कारण बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। इसके चलते विद्युत शवदाह गृह भी बंद है। ऐसे में लोगों को अंतिम संस्कार के लिए उपलब्ध सीमित व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
बाढ़ का असर केवल गुलाला घाट तक सीमित नहीं है। घाट जाने वाले रास्ते पर गैस सिलिंडर वितरण केंद्र तक पहुंचने के लिए लोगों को डेढ़ से दो फीट पानी से होकर गुजरना पड़ा। खदरा निवासी सुहैल और ऐशबाग निवासी मोहम्मद जैब ने बताया कि मजबूरी में करीब 300 मीटर तक पानी के बीच से गुजरकर सिलिंडर लेना पड़ा।
गोमती का पानी प्रेरणा स्थल में भी अब तक भरा हुआ है। कार्यालय में पानी घुसने से रोकने के लिए मुख्य गेट पर रेत की बोरियां लगाई गई हैं। रविवार को यहां पहुंचे लोगों को पानी की वजह से वापस लौटना पड़ा।
वहीं, आईआईएम मार्ग से कैरियर कॉलेज के पास फैजुल्लागंज जाने वाली सड़क पर करीब 100 मीटर तक तेज बहाव बना हुआ है। बाढ़ के कारण शहर के कई हिस्सों में आवाजाही प्रभावित है और लोगों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Location : Lucknow
Published : 5 October 2026, 8:17 AM IST