
अलीगंज में सोमवार दोपहर को हुए भीषण अग्निकांड (Image Source: Twitter)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का पॉश इलाका अलीगंज सोमवार दोपहर को चीख-पुकार और धुएं के गुबार से दहल उठा। एक तीन मंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने कम से कम 15 मासूमों को मौत की नींद सुला दिया, जिनमें से अधिकांश छात्र थे। इस दिल दहला देने वाले हादसे में 9 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। जिस वक्त यह हादसा हुआ, बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर स्थित एक कमर्शियल एनिमेशन इंस्टीट्यूट में क्लास चल रही थी। आग लगते ही चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई और संकरी जगह होने के कारण छात्रों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
इस भयावह त्रासदी ने प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी है। शुरुआती जांच के दस्तावेज लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक, अलीगंज स्कीम के सेक्टर D (बिल्डिंग नंबर MS/102/D) की यह प्रॉपर्टी मूल रूप से 1980 में रिहायशी इस्तेमाल के लिए अलॉट की गई थी। साल 2014 में इस लगभग 1,992 वर्ग फुट में फैली बिल्डिंग का नक्शा 'सेल्फ-सर्टिफिकेशन बिल्डिंग प्लान स्कीम' के तहत केवल रहने के लिए मंजूर कराया गया था। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर यहाँ धड़ल्ले से कमर्शियल इंस्टीट्यूट चलाया जा रहा था।
इस मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस और गड़बड़ी साल 2016 के रिकॉर्ड्स से सामने आई है। अवैध निर्माण की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए LDA ने तब मकान मालिक के खिलाफ केस दर्ज किया था और 10 मई 2016 को इस अवैध निर्माण को गिराने (Demolition) का आदेश जारी किया गया था। लेकिन भ्रष्टाचार का खेल देखिए, महज दो महीने के भीतर, 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को रहस्यमयी ढंग से रद्द कर दिया गया। अगर उस वक्त प्राधिकरण ने कड़ा रुख अपनाया होता, तो आज इन 15 परिवारों के चिराग न बुझते।
शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि इस कमर्शियल इंस्टीट्यूट के पास फायर डिपार्टमेंट की कोई 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) नहीं थी।
तीन मंजिला इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था। खिड़कियों पर लोहे के मजबूत ग्रिल लगे होने के कारण छात्र चाहकर भी बाहर नहीं कूद सके, जिससे दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
चश्मदीदों के मुताबिक, आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर लगे हाई-वोल्टेज चेंजओवर या शॉर्ट सर्किट से हुई, जिसने बेसमेंट में रखे ज्वलनशील मटेरियल को तुरंत पकड़ लिया।
Location : Lucknow
Published : 23 June 2026, 9:49 AM IST
Topics : Aliganj Fire Lucknow Fire Tragedy Lucknow Fire