प्रयागराज में अभी थमा भी नहीं था पुरानी दहशत का शोर… कि आधी रात को कैमरे में कैद हो गई ‘वो’ खौफनाक परछाई!

यागराज के झूंसी क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की दस्तक से हड़कंप मच गया है। इस बार हवेलिया वार्ड के सीसीटीवी में एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ घूमती नजर आई। वन विभाग ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू करते हुए लोगों को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 June 2026, 4:18 PM IST

Prayagraj: प्रयागराज के झूंसी इलाके में एक बार फिर तेंदुए की धमक से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। अभी कुछ समय पहले ही एक तेंदुए के पकड़े जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब एक नई फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय निवासी फिर से दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं।

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई खौफनाक तस्वीरें

यह सनसनीखेज मामला झूंसी के वार्ड नंबर 52, हवेलिया क्षेत्र का है। यहां स्थित लक्कड़ बाबा मंदिर के पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में शनिवार की देर रात एक मादा तेंदुआ अपने दो छोटे शावकों के साथ घूमती हुई साफ दिखाई दी। वीडियो में समय और तारीख की भी पुष्टि हुई है। एक साथ तीन तेंदुओं की मौजूदगी की खबर जैसे ही फैली, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट मोड पर आ गई है और क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाते हुए सर्च ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी गई है।

वन विभाग ने जारी की एडवायजरी

तेंदुए और उसके शावकों की सक्रियता को देखते हुए वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। अधिकारियों ने अपील की है कि लोग शाम और रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। अपने सभी जरूरी काम दिन के उजाले में ही निपटाने का प्रयास करें। इसके अलावा, बच्चों को अकेले घर से बाहर न भेजने की सख्त हिदायत दी गई है। वन विभाग ने कहा है कि यदि कोई भी संदिग्ध गतिविधि या पैरों के निशान दिखें, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

6 महीने तक ग्रामीणों को डराने वाला तेंदुआ

गंगापार इलाके के लिए तेंदुए का आतंक नया नहीं है। इससे पहले अगस्त 2025 में हनुमानगंज के मलखानपुर धनेचा गांव में पहली बार एक तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद वह झूंसी, हनुमानगंज, मलखानपुर और आसपास के दर्जनों गांवों में लगातार देखा गया। वन विभाग ने उसे पकड़ने के लिए थर्मल ड्रोन, पिंजरे और कई विशेषज्ञ टीमें लगाई थीं, लेकिन वह लंबे समय तक चकमा देता रहा। इस दौरान उसने कई मवेशियों का शिकार किया और ग्रामीणों पर भी जानलेवा हमले किए।

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8 जनवरी को घर में घुसने पर पकड़ा गया था नर तेंदुआ

लगभग 6 महीने की लुका-छिपी के बाद, 8 जनवरी 2026 को हनुमानगंज के छिबैया गांव में वही तेंदुआ एक घर के अंदर घुस गया था। वहां उसने दो ग्रामीणों को घायल भी किया। हालांकि, घर के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाई और तेंदुए को कमरे में बंद कर खुद सुरक्षित बाहर आ गए। इसके बाद पुलिस, पीएसी और वन विभाग की टीम ने करीब 9 से 10 घंटे लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उस 7-8 वर्षीय नर तेंदुए को बेहोश करके पकड़ा था।

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झूंसी और आसपास के इलाकों में तेंदुए की दस्तक की टाइमलाइन

झूंसी और आसपास के इलाकों में तेंदुए के आतंक की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई, जब मलखानपुर धनैचा में पहली बार उसकी मौजूदगी दर्ज की गई। इसके बाद 11 अगस्त 2025 को सुदनीपुर में तेंदुए ने घुसकर एक बकरी के बच्चे पर हमला किया। अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान धनैचा में ग्रामीण राजेंद्र प्रसाद पर हमला करने के साथ-साथ उसे लीलापुर, देवकली, सैदाबाद और हंडिया जैसे क्षेत्रों में भी देखा गया। इसके बाद, 8 सितंबर 2025 को जमुनीपुर में धान के खेत में छिपे तेंदुए के हमले से ग्रामीण तारा बिंद घायल हो गए, जबकि 11-13 अक्टूबर 2025 को वह झूंसी के एचआरआई (हरीश चंद्र शोध संस्थान) परिसर में कई बार दिखा और संस्थान के निदेशक की गाड़ी के आगे भी कूद गया। दहशत का यह सिलसिला आखिरकार 8 जनवरी 2026 को थमा, जब छिबैया गांव में करीब 10 घंटे चले एक कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद इस पहले तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया।

Location :  Prayagraj

Published :  14 June 2026, 4:18 PM IST