ललिता गौतम हत्याकांड में नया ट्विस्ट: पुलिस ने पीएसी जवान अंकित चौधरी को भेजा जेल, अब गुर्जर समाज की हुई एंट्री

मेरठ के चर्चित मामले में पुलिस की नई कार्रवाई के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है। एक अहम कदम के बाद कई सवाल उठने लगे हैं और अब इस केस से जुड़े नए पहलुओं पर सबकी नजर बनी हुई है। आगे की जांच में क्या सामने आएगा, यह देखने वाली बात होगी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 July 2026, 12:20 PM IST

Meerut: मेरठ के बहुचर्चित ललिता गौतम हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश चौधरी के भाई और पीएसी जवान अंकित चौधरी को भी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है।

हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप

जांच में सामने आया कि अंकित चौधरी ने छुट्टी लेकर अपने भाई के साथ हत्या की साजिश में कथित भूमिका निभाई। पुलिस ने अदालत को बताया कि अवकाश लेने का उद्देश्य वारदात को अंजाम देने की योजना में सहयोग करना था। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उसे मुकदमे में नामजद कर गिरफ्तार किया गया। अदालत ने पुलिस के प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

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संयुक्त गुर्जर परिसंघ ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

इधर, संयुक्त गुर्जर परिसंघ ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की मांग की। संगठन के अध्यक्ष भोपाल सिंह गुर्जर ने कहा कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि वह दिखाई भी देना चाहिए। उन्होंने पुलिस से अपील की कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए।

प्रदर्शनकारियों और अन्य मामलों पर भी उठाए सवाल

प्रेस वार्ता के दौरान संगठन ने कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन करने वाले दिग्विजय भाटी, हेमंत प्रधान और अन्य लोगों पर लगाए गए मुकदमों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कार्रवाई अपराध की गंभीरता के अनुरूप होनी चाहिए। साथ ही गंगानगर क्षेत्र में एक दुकानदार की पिटाई के मामले में कड़ी धाराएं लगाने और मैनपाल फौजी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की दोबारा समीक्षा की भी मांग की गई।

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सरकार से राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की मांग

संयुक्त गुर्जर परिसंघ ने भाजपा में गुर्जर समाज की भागीदारी बढ़ाने और केंद्रीय मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की भी मांग उठाई। संगठन ने कहा कि यदि समाज की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो नवंबर में चिंतन शिविर आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। प्रेस वार्ता में वीरेंद्र गुर्जर, जगदीश गुर्जर, नवाब सिंह और जितेंद्र प्रधान सहित समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

Location :  Meerut

Published :  16 July 2026, 12:15 PM IST