
कोलकाता भगदड़ कांड (IMG: Dynamite News)
Kolkata: कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा के दौरान मची भगदड़ ने 19 परिवारों की खुशियां छीन लीं। जिस पंडाल में लोग मां दुर्गा के दर्शन और उत्सव मनाने पहुंचे थे, वहीं अचानक हुए हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। अब इस दर्दनाक घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने जांच का फैसला लिया है। हादसे के पीछे की वजहों, भीड़ को संभालने में हुई संभावित चूक और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है।
पश्चिम बंगाल के चोरबागान में 17 अक्टूबर को सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल के पास हुई भगदड़ की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच टीम बनाई है। मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल की ओर से 21 अक्टूबर को जारी आदेश के मुताबिक, कलकत्ता हाईकोर्ट के परामर्श से गठित इस टीम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती करेंगी। SIT का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि आखिर पूजा पंडाल के पास ऐसी स्थिति कैसे बनी, जिसमें इतने लोगों की जान चली गई।
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SIT की जांच का दायरा केवल हादसे की तत्काल वजह तक सीमित नहीं रहेगा। टीम भीड़ प्रबंधन, पंडाल में आने-जाने के रास्तों, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल करेगी। जांच में मौसम की परिस्थितियों और हादसे के दौरान मौके पर बने हालात को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसके अलावा, घटनास्थल के CCTV फुटेज की जांच कर यह समझने की कोशिश की जाएगी कि भगदड़ से पहले क्या स्थिति थी और घटना के समय लोगों की आवाजाही किस तरह हो रही थी।
हादसे के बाद राज्य सरकार ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, भगदड़ में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की भी घोषणा की गई है। सरकार ने घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की बात कही है। इसके अलावा, हर घायल को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया था कि पुलिस ने मामले में पूजा आयोजकों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांच के लिहाज से इन लोगों से पूछताछ महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि आयोजन स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी अलग-अलग स्तरों पर बंटी होती है। हालांकि, पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने को दोष साबित होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा किया और भगदड़ में मारे गए पांच लोगों के परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक परिवार को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए सरकार की ओर से मदद का भरोसा दिया। इस दौरे के दौरान उन्होंने घटना को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही सामग्री का भी जिक्र किया।
Location : Kolkata
Published : 21 October 2026, 5:43 PM IST