
गर्भवती प्रेमिका की हत्या में 63 वर्षीय आरोपी को उम्रकैद (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: केरल में वर्ष 2012 में आठ महीने की गर्भवती प्लांटेशन वर्कर अंबिली की हत्या के मामले में अदालत ने 63 वर्षीय मैथ्यू देवस्या उर्फ थंकाचन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन के मुताबिक, आरोपी ने कथित संबंध और अंबिली की गर्भावस्था की बात छिपाने के लिए उसकी हत्या की थी।
जिला सरकारी वकील एसएस सनीश के अनुसार, मैथ्यू देवस्या कट्टाप्पना के पास एक इलायची के बागान में सुपरवाइजर था। वहीं अंबिली प्लांटेशन वर्कर के तौर पर काम करती थी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दोनों के बीच संबंध थे और अंबिली गर्भवती हो गई थी।
आरोपी शादीशुदा था और उसके बच्चे भी थे, जबकि अंबिली अविवाहित थी। अभियोजन ने अदालत में दावा किया कि संबंध और गर्भावस्था की बात सामने आने पर बदनामी के डर से आरोपी ने अंबिली की हत्या की साजिश रची।
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अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने प्लास्टिक की रस्सी और तिरपाल का इंतजाम किया और अंबिली को पम्पाडुमपारा इलाके के पास मिलने के लिए बुलाया। वहां से वह उसे पास के कॉफी बागान के सुनसान हिस्से में ले गया।
आरोप है कि इसी दौरान प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर अंबिली की हत्या कर दी गई। उस समय वह करीब आठ महीने की गर्भवती थी। हत्या के बाद शव को तिरपाल में लपेटकर पत्थरों से बांधा गया और पास के तालाब में फेंक दिया गया।
अंबिली के घर नहीं लौटने पर उसके माता-पिता ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मैथ्यू देवस्या ने आत्महत्या का प्रयास भी किया था।
हत्या के कुछ दिन बाद पम्पाडुमपारा कॉफी बागान में काम करने वाले कुछ मजदूरों को पास के तालाब में बदबूदार नीला तिरपाल दिखाई दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने तिरपाल को बाहर निकाला। उसके अंदर एक महिला और एक बच्चे का शव मिला। बच्चे की गर्भनाल महिला के शरीर से जुड़ी हुई थी। अंबिली के माता-पिता ने शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में की। बाद में डीएनए जांच से भी उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
जांच में सामने आया कि देवस्या ही अंबिली के गर्भ में पल रहे बच्चे का पिता था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। सरकारी वकील एसएस सनीश के अनुसार, मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों की कड़ी पेश की। इन्हीं सबूतों के आधार पर थोडुपुझा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सानू एस. पनिकर ने मैथ्यू देवस्या को हत्या का दोषी माना। अदालत ने उसे IPC की धारा 302 के तहत उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
Location : New Delhi
Published : 19 August 2026, 4:20 PM IST