Kaushambi Rain: थोड़ी बारिश और डूब गया कौशांबी, आसमान से बरसा पानी और जमीन पर मच गई आफत

कौशांबी के सैय्यद सरावां गांव में बारिश के बाद भीषण जलभराव से करीब 15 हजार लोग प्रभावित हैं। सड़कें और गलियां पानी में डूबी हैं, जबकि 300 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने का दावा है। समाधान न मिलने पर ग्रामीणों ने जल सत्याग्रह किया। एसडीएम के निर्देश पर जेसीबी से जल निकासी शुरू हुई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 4 September 2026, 2:59 PM IST

Kaushambi: चायल तहसील क्षेत्र का सैय्यद सरावां गांव इन दिनों भीषण जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। करीब 15 हजार की आबादी वाले गांव में बारिश के बाद हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सड़क और गलियों का फर्क तक मिट गया है। कहीं घुटने तो कहीं कमर तक गंदा पानी भरा है। ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए इसी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कई घरों में पानी घुसने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

बारिश के बाद सड़कें बनीं जलमार्ग

गांव के आसपास स्थित तालाब बारिश के पानी से पूरी तरह लबालब हो चुके हैं। पानी ओवरफ्लो होकर आबादी और संपर्क मार्गों तक पहुंच गया है। गलियां और सड़कें जलमग्न होने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित है। घरों के आसपास जमा गंदे पानी से हर कदम पर खतरा बना हुआ है।

जलभराव का सबसे ज्यादा असर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।

300 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर

ग्रामीण अजीत यादव के मुताबिक, जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 300 बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। किसी के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों को मवेशियों के लिए चारा लाने में भी परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। लगातार पानी जमा रहने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।

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शिकायतों से नहीं बनी बात तो पानी में उतरे ग्रामीण

जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने विरोध का रास्ता अपनाया। सपा नेताओं के साथ ग्रामीण पानी में उतर गए और जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। जलभराव के बीच खड़े होकर उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और तत्काल जल निकासी की मांग की।

ग्रामीणों की मांग है कि पंप लगाकर जल्द से जल्द पानी निकाला जाए। इसके साथ ही तालाबों और नालियों की सफाई कराकर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल बारिश में गांव जलमग्न न हो।

मौके पर पहुंचीं एसडीएम, जेसीबी से शुरू हुआ काम

जल सत्याग्रह की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम चायल प्रेरणा गौतम मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और जलभराव का जायजा लिया। इसके बाद जेसीबी की मदद से पानी की निकासी का काम शुरू कराया गया।

मौके पर प्रदेश सचिव आनंद मोहन पटेल, चंद्रजीत यादव, राकेश सिंह पटेल भोला समेत कई ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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अब स्थायी समाधान का इंतजार

एसडीएम प्रेरणा गौतम ने बताया कि गांव में तहसीलदार को भेजकर जल निकासी के उचित प्रबंध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।

फिलहाल जेसीबी से शुरू हुई कार्रवाई से ग्रामीणों को राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि बड़ा सवाल यही है कि यह कार्रवाई केवल तत्काल राहत तक सीमित रहेगी या सैय्यद सरावां गांव को हर साल होने वाले जलभराव से स्थायी निजात मिल पाएगी।

Location :  Kaushambi

Published :  4 September 2026, 2:59 PM IST