
कौशांबी पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट (Img: X)
Kaushambi: कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मंहौरी (चिल्ला शहबाजी) गांव में 31 अगस्त 2026 को अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ था। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आसपास के कई मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए, जबकि कई अन्य मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। इसी के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
जांच के बाद प्रशासन ने राजस्व विभाग के छह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें पांच लेखपाल और एक कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) शामिल हैं। बताया गया कि संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर अपने क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री की जानकारी नहीं होने, लापरवाही बरतने और सरकारी जिम्मेदारियों का सही तरीके से पालन नहीं करने के आरोप हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच आगे भी जारी रहने की बात कही जा रही है।
पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद पुलिस विभाग पर भी कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद प्रयागराज रेंज के आईजी और कौशांबी के एसपी ने पिपरी के तत्कालीन थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
इस कार्रवाई के बाद अब राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर भी गाज गिरी है। प्रशासन की ओर से की जा रही लगातार कार्रवाई से साफ है कि हादसे में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद पटाखा फैक्ट्री का संचालक और मुख्य आरोपी नौशाद अली फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में पुलिस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ कर फैक्ट्री के संचालन और विस्फोट से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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विस्फोट के बाद प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट जांच भी शुरू की गई है। जांच में हादसे के कारणों के साथ-साथ अवैध फैक्ट्री के संचालन, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब यह भी देखा जा रहा है कि इतने लंबे समय से अवैध पटाखा फैक्ट्री कैसे संचालित होती रही। स्थानीय स्तर पर निगरानी में लापरवाही हुई या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
फिलहाल मामले में राजस्व और पुलिस विभाग के कई कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। वहीं, मजिस्ट्रेट जांच और अन्य कानूनी प्रक्रिया जारी है। जांच पूरी होने के बाद हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
Location : Kaushambi
Published : 3 September 2026, 3:41 PM IST