कपसाड़ हत्याकांड में खुलासा हुआ है कि रूबी की शादी तय होने से आरोपी बौखला गया था। एक हफ्ते पहले अपहरण की साजिश रचकर मां की हत्या कर दी गई। अब आरोपी की कबूलियत और युवती के बयान पर टिकी है आगे की कार्रवाई।

कपसाड़ हत्याकांड
Meerut: मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में हुए दिल दहला देने वाले हत्याकांड में अब चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतका सुनीता की बेटी रूबी का रिश्ता हत्याकांड से करीब 15 दिन पहले तय हो चुका था। परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं और दो अप्रैल को विवाह की तारीख तय थी। पुलिस के अनुसार, इसी बात की जानकारी मिलने के बाद मुख्य आरोपी पारस सोम बुरी तरह बौखला गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पारस सोम ने रूबी के अपहरण की साजिश करीब एक सप्ताह पहले ही रच ली थी। वह लगातार रूबी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए था। ग्रामीणों के मुताबिक, रूबी की सगाई की खबर पूरे गांव में फैल चुकी थी और परिवार शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था। यही बात पारस को नागवार गुजरी और उसने खौफनाक वारदात को अंजाम देने की ठान ली।
पुलिस जांच में सामने आया है कि पारस का मकसद सिर्फ रूबी को अगवा करना था, लेकिन जब उसकी मां सुनीता ने विरोध किया तो उसने बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। ग्रामीणों ने बताया कि पारस बेहद शातिर किस्म का व्यक्ति है और वह छोटी-छोटी बातों पर आक्रोशित हो जाता था।
पुलिस रिकॉर्ड और ग्रामीणों की मानें तो पारस सोम पहले भी अपने परिवार के लोगों के साथ मारपीट कर चुका है। उस पर अपने पिता पर जानलेवा हमला करने का भी आरोप है। पुलिस का कहना है कि आरोपी का आपराधिक स्वभाव ही इस वारदात की बड़ी वजह बना।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने पारस सोम से करीब सात घंटे तक लगातार पूछताछ की। इस दौरान आरोपी ने कई अहम बातें कबूल कीं। वहीं दूसरी ओर, युवती रूबी से भी अलग-अलग जानकारी ली जा रही है। पुलिस दोनों के बयानों का मिलान कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी और युवती के बयानों में कुछ बिंदुओं पर विरोधाभास सामने आया है। इसी वजह से पुलिस पूरे घटनाक्रम को समय, स्थान और परिस्थितियों के आधार पर जोड़कर जांच कर रही है, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।
रूबी के भाई नरसी कुमार ने बहन की बरामदगी के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में उसने आशंका जताई कि पुलिस दबाव बनाकर उसकी बहन से बयान बदलवा सकती है। उसने पुलिस से अपील की कि रूबी पर किसी तरह का दबाव न डाला जाए।
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भावुक होते हुए नरसी कुमार ने कहा, “अगर मेरी बहन मेरी बात सुन रही है तो उसे डरने की कोई जरूरत नहीं है। आज उसके लाखों भाई साथ खड़े हैं। मां तो मर चुकी है, तुम वापस आ जाओ।” उसने कहा कि उन्हें अभी तक सिर्फ सूचना मिली है कि बहन मिल गई है, लेकिन असली सुकून तब मिलेगा जब वह सुरक्षित घर पहुंचेगी।
बृहस्पतिवार सुबह सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में सुनीता देवी अपनी बेटी रूबी के साथ खेत की ओर जा रही थीं। रजबहे की पटरी के पास आरोपी पारस सोम, सुनील और उनके कुछ साथी कार लेकर पहुंचे। आरोपियों ने रूबी को अगवा करने का प्रयास किया। जब सुनीता ने विरोध किया तो पारस ने फरसे से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल सुनीता की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस की दस टीमें युवती की तलाश में जुटी थीं। शनिवार शाम करीब 6:15 बजे मेरठ सर्विलांस टीम के इनपुट पर हरिद्वार पुलिस ने रुड़की रेलवे स्टेशन से पारस सोम को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ रूबी भी सुरक्षित मिल गई। पुलिस का कहना है कि दोनों हरिद्वार भागने की तैयारी में थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वारदात के बाद पारस सोम रूबी को लेकर सहारनपुर जिले के नागल गांव में अपने एक रिश्तेदार के घर पहुंचा था। वहां वह करीब दो दिन तक फरारी काटता रहा और फिर रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के अनुसार, पारस सोम ने पूछताछ में सुनीता की हत्या और रूबी के अपहरण की बात कबूल कर ली है। युवती को कोर्ट में पेश किया जाएगा और उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।