Kanpur News: एक-दो नहीं, 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी का खेल! कानपुर के अंकित के लैपटॉप से खुला राज

कानपुर से गिरफ्तार अंकित शंखवार के लैपटॉप में करीब 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी मिलने का दावा किया गया है। यूपी एटीएस जांच कर रही है कि इनका दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों और मुंबई मेयर कार्यालय को मिली धमकियों से क्या संबंध है। विदेशी संपर्कों और क्रिप्टो भुगतान के आरोप भी जांच के दायरे में हैं।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 31 October 2026, 2:45 PM IST

Kanpur: घर में बैठकर लैपटॉप चलाने वाला एक युवक, करीब 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी और दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी! इन तीनों के बीच क्या कनेक्शन है? यूपी एटीएस की कार्रवाई के बाद यह मामला चर्चा में है। कानपुर से गिरफ्तार किए गए अंकित शंखवार पर आरोप है कि वह फर्जी ईमेल आईडी बनाकर दूसरे देशों के लोगों को बेचता था। जांच के दौरान उसके लैपटॉप से करीब 5 लाख ईमेल आईडी और कई एक्सेल फाइलें मिलने की बात सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि कुछ ईमेल आईडी का इस्तेमाल दिल्ली-नोएडा के स्कूलों और मुंबई मेयर कार्यालय को धमकी भेजने में किए जाने का संदेह है। अब एटीएस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अंकित का इस धमकी नेटवर्क से सीधा संबंध था और इन ईमेल आईडी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

एक लैपटॉप में छिपा था 5 लाख ईमेल आईडी का कथित नेटवर्क

यूपी एटीएस ने कानपुर से अंकित शंखवार को गिरफ्तार किया है। वह मूल रूप से घाटमपुर के अनोइया गांव का निवासी है और वर्तमान में सकरापुर में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद एटीएस की टीम उसे अपने साथ ले गई।

जांच के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप बरामद किया गया। एटीएस सूत्रों के मुताबिक, लैपटॉप में करीब 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी और कई एक्सेल फाइलें मिली हैं। अब जांच एजेंसी इन फाइलों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में ईमेल आईडी किस उद्देश्य से बनाई गई थीं और उनका इस्तेमाल कहां किया जा रहा था।

पाकिस्तान और बांग्लादेश तक कैसे पहुंच रही थीं ईमेल आईडी?

आरोप है कि अंकित फर्जी पहचान और प्रॉक्सी नेटवर्क की मदद से ईमेल आईडी तैयार करता था। इसके बाद इन्हें पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत दूसरे देशों के लोगों को बेचा जाता था। इसके बदले में क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भुगतान मिलने की बात भी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि अंकित फेसबुक के Buy and Sell ग्रुप के जरिए कुछ विदेशी समूहों के संपर्क में था। एटीएस अब इन समूहों और कथित खरीदारों की पहचान करने में जुटी है। जांच का एक अहम सवाल यह भी है कि क्या इन ईमेल आईडी का इस्तेमाल केवल ऑनलाइन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था या इनके जरिए किसी अन्य नेटवर्क को भी मदद मिल रही थी।

दिल्ली-नोएडा के स्कूलों को मिली धमकी से जुड़ा कनेक्शन

दिल्ली और नोएडा के स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगा रही थीं। इसी दौरान कानपुर का कनेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है।

जांच में कुछ ऐसी ईमेल आईडी मिलने का दावा है, जिनका इस्तेमाल दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों और मुंबई मेयर कार्यालय को धमकी भेजने में किया गया था। हालांकि, इन धमकियों को भेजने में अंकित की भूमिका क्या थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

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पिता को भी नहीं थी कथित ऑनलाइन काम की जानकारी

अंकित की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवार का बयान भी सामने आया है। उसके पिता प्रह्लाद रिक्शा चलाते हैं। उनका कहना है कि अंकित ज्यादा बाहर नहीं जाता था और ज्यादातर समय लैपटॉप पर ऑनलाइन शेयर बाजार का काम करता था।

पिता के मुताबिक, उन्हें बेटे की कथित गतिविधियों के बारे में जानकारी नहीं थी। परिवार के इस बयान के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि अंकित घर पर किस तरह का ऑनलाइन काम कर रहा था और उसके संपर्क किन लोगों से थे।

अब एटीएस के सामने सबसे बड़ा सवाल क्या?

फिलहाल यूपी एटीएस अंकित से पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि 5 लाख फर्जी ईमेल आईडी बनाने का काम कब से चल रहा था, इन्हें किन लोगों को बेचा गया और धमकी वाले ईमेल से इनका क्या संबंध है।

लैपटॉप में मिली एक्सेल फाइलें, विदेशी समूहों से संपर्क और क्रिप्टोकरेंसी से भुगतान के आरोप इस जांच के अहम पहलू हैं। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि अंकित इस कथित नेटवर्क में अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय था।

Location :  Kanpur

Published :  31 October 2026, 2:45 PM IST