
किन्नर समाज में एरिया को लेकर खींचतान (Img: Dynamite News)
Jhansi: बुंदेलखंड के झांसी जिले में किन्नर समाज के बीच गांवों के क्षेत्राधिकार को लेकर खींचतान की स्थिति सामने आई है। मोठ ब्लॉक के ग्राम सेसा समेत आसपास के कई गांवों में बधाई मांगने, नेग लेने और परंपरागत दस्तूर को लेकर कोंच और मोठ पक्ष के बीच अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
इस विवाद के चलते ग्रामीणों के सामने भी असमंजस खड़ा हो गया है। अब सवाल यह है कि आखिर इन गांवों पर किसका अधिकार है और इस मामले का समाधान कैसे निकलेगा?
जानकारी के अनुसार, कोंच क्षेत्र के किन्नर समाज के लोग सेसा, खकल ढेरी, ढेरा, कनैछा, ईगुई, जरहां कला और काशीपुरा समेत आसपास के कई गांवों को अपना परंपरागत क्षेत्र बता रहे हैं। वहीं, मोठ पक्ष का दावा है कि ये गांव पहले से ही उनके क्षेत्र में आते हैं।
दोनों पक्षों की ओर से किए जा रहे दावों के कारण मामला चर्चा में है। बताया जा रहा है कि कोंच पक्ष के पास अपने दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज भी हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की वास्तविकता और दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में क्षेत्राधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से विवाद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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किन्नर समाज में जन्म, विवाह और दूसरे शुभ अवसरों पर बधाई देने और नेग लेने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। कई इलाकों में इसके लिए परंपरागत क्षेत्र भी माने जाते हैं। ऐसे में जब एक ही गांव पर दो पक्ष अपना अधिकार जताने लगें, तो विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। सेसा और आसपास के गांवों में भी इसी तरह की उलझन सामने आ रही है। ग्रामीणों के सामने सवाल है कि अगर दोनों पक्ष एक ही गांव में पहुंचकर अपना दावा करते हैं, तो वे किसकी बात मानें।
जजमानों का कहना है कि इस तरह की खींचतान का असर गांव के लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए। परंपरा का सम्मान बना रहे और किसी को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति जरूरी है।
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इस मामले के सिलसिले में बबली नायक (कोटरा), मलिका नायक (ऐट), सरोज नायक (कोंच), कमला नायक (कोंच), सलमा नायक (भेड़), काजल चेला (ऐट), पिंकी केशर (कोटरा), आशिकी (कोंच) और जानवी प्रिया कजरी (कोंच) के नाम सामने आए हैं।
गांवों के लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि आपसी विवाद के बीच उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। ऐसे में बातचीत के जरिए गांवों की सीमाओं, परंपरागत अधिकारों और नेग-दस्तूर को लेकर स्पष्ट सहमति बनाना बेहतर रास्ता हो सकता है।
Location : Jhansi
Published : 17 October 2026, 2:13 PM IST