
फिंगरप्रिंट से पहचान तक आसान होगी जांच (Source: Dynamite News)
Hathras: हाथरस पुलिस ने अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक विवेचना को मजबूत करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जनपद के सभी थानों के हैड मोहर्रिरों को राष्ट्रीय स्वचालित फिंगर प्रिंट पहचान प्रणाली (NAFIS) के तहत मोबाइल फोन समेत अन्य जरूरी तकनीकी उपकरण वितरित किए।
कार्यक्रम में क्षेत्राधिकारी अग्निशमन हाथरस समेत पुलिस विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को इन उपकरणों का नियमित और प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
NAFIS के जरिए घटनास्थल या जांच के दौरान मिले फिंगरप्रिंट को डिजिटल तरीके से रिकॉर्ड कर राष्ट्रीय डेटाबेस में उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलान किया जा सकता है। इससे संदिग्ध या पहले आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे लोगों की पहचान करने में पुलिस को मदद मिल सकती है।
हाथरस के सभी थानों को तकनीकी उपकरण मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर फिंगरप्रिंट आधारित जांच को गति मिलने की उम्मीद है। इसका इस्तेमाल पुराने मामलों की जांच और उनके अनावरण में भी किया जा सकता है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, NAFIS को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने लागू किया है। इसका उद्देश्य अपराधियों के फिंगरप्रिंट का केंद्रीय डेटाबेस तैयार करना और राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों तथा केंद्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच इसके इस्तेमाल की सुविधा उपलब्ध कराना है।
NAFIS की मदद से अलग-अलग राज्यों में सामने आने वाले मामलों में किसी व्यक्ति की संभावित संलिप्तता का पता लगाने में भी पुलिस को सहायता मिल सकती है। इससे फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड की जांच पहले की तुलना में अधिक डिजिटल और व्यवस्थित तरीके से की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फिंगरप्रिंट के संकलन और सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार की जाए। साथ ही उपलब्ध कराए गए उपकरणों के सुरक्षित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
NAFIS को अगस्त 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च किया गया था। इससे पहले फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड के इस्तेमाल में मैनुअल प्रक्रिया पर काफी निर्भरता थी। डिजिटल सिस्टम के जरिए रिकॉर्ड को तेजी से खोजने और मिलान करने की व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
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गृह मंत्रालय ने मार्च 2026 में राज्यसभा में बताया था कि पुलिस थानों तक NAFIS की पहुंच बढ़ाने के लिए ICJS 2.0 के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को हार्डवेयर और Fingerprint Enrollment Devices (FEDs) उपलब्ध कराने में सहायता दी जा रही है।
हाथरस में अब सभी थानों को तकनीकी संसाधन मिलने से फिंगरप्रिंट आधारित जांच को स्थानीय स्तर पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे पुलिस को अपराधियों की पहचान, पुराने मामलों की जांच और वैज्ञानिक विवेचना में तकनीकी मदद मिल सकेगी।
Location : Hathras
Published : 12 September 2026, 10:12 AM IST