10 साल का मासूम अचानक हुआ गायब, 7 घंटे बाद पुलिस ने किया ऐसा कमाल कि परिवार रह गया हैरान!

गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय लापता बालक को पुलिस ने महज सात घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। विशेष पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से संभावित अनहोनी टल गई। परिवार ने पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 1 July 2026, 2:20 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के चलते 10 वर्षीय लापता बालक को महज सात घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम की तत्परता एवं समर्पण की खुले दिल से सराहना की। इस सफल अभियान ने एक संभावित बड़ी अनहोनी को समय रहते टाल दिया।

नाना को बुलाने निकला था मासूम, फिर नहीं लौटा घर

जानकारी के अनुसार, 30 जून 2026 की शाम करीब पांच बजे 10 वर्षीय बालक, जो अपने ननिहाल में रह रहा था, अपने नाना को बुलाने के लिए घर से निकला था। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो तत्काल गुलरिहा थाने में सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम हुई सक्रिय

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर के मार्गदर्शन, क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक गुलरिहा के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। चौकी प्रभारी भटहट उपनिरीक्षक मदनमोहन मिश्र के नेतृत्व में पुलिस ने संभावित स्थानों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। हर संभावित स्थान पर पुलिस ने तेजी से जांच और खोजबीन की।

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सात घंटे के भीतर सकुशल बरामद हुआ बच्चा

लगातार प्रयासों का सकारात्मक परिणाम तब सामने आया जब पुलिस टीम ने महज सात घंटे के भीतर लापता बालक को सुरक्षित खोज निकाला। पहचान की पुष्टि के बाद बच्चे को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के सकुशल मिलने की खबर मिलते ही परिवार की चिंता खुशी में बदल गई। परिजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती थी।

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पुलिस ने लोगों से की अहम अपील

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी बच्चे की गुमशुदगी के मामले में शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसलिए ऐसे मामलों में बिना किसी देरी के तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए, ताकि समय रहते खोजबीन शुरू कर सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जा सके। इस अभियान में उपनिरीक्षक मदनमोहन मिश्र, उपनिरीक्षक तेज प्रताप और मुख्य आरक्षी दीनानाथ की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही। पुलिस की सक्रियता और संवेदनशील कार्यशैली के कारण एक परिवार की खुशियां वापस लौट आईं।

Location :  Gorakhpur

Published :  1 July 2026, 2:20 PM IST