सांसें देने वाला प्लांट खुद पड़ा लाचार; गोरखपुर के गोला अस्पताल से चोर उड़ा ले गए ऑक्सीजन प्लांट के पार्ट्स

गोरखपुर के गोला सीएचसी में महामारी के दौरान 35 लाख की लागत से बना PSA ऑक्सीजन प्लांट घोर लापरवाही का शिकार हो गया है। झाड़ियों और गंदगी से घिरे इस प्लांट का ताला तोड़कर चोर इसके कीमती उपकरण चुरा ले गए। प्रतिदिन 1,400 मरीजों को ऑक्सीजन देने में सक्षम इस प्लांट की सुरक्षा पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 July 2026, 3:12 PM IST

Gorakhpur: COVID-19 महामारी के दौरान जिस ऑक्सीजन प्लांट को मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए तैयार किया गया था, वही अब खुद लापरवाही का शिकार बन गया है। गोरखपुर के सीएचसी गोला परिसर में स्थापित करीब 35 लाख रुपये का पीएसए ऑक्सीजन प्लांट झाड़ियों और गंदगी के बीच उपेक्षित पड़ा है। हालत इतनी खराब हो गई कि अज्ञात चोर प्लांट का ताला तोड़कर उसके महत्वपूर्ण उपकरण तक ले गए।

देखभाल न होने से हालत बिगड़ी

मार्च 2024 में शुरू किए गए इस प्लांट को अस्पताल के कई अहम वार्डों से जोड़ा गया था ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत ऑक्सीजन मिल सके। हालांकि कर्मचारियों को इसे चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी, लेकिन नियमित देखभाल और सफाई न होने के कारण समय के साथ प्लांट की हालत लगातार खराब होती गई। प्लांट तक जाने वाले रास्ते पर झाड़ियां उगने से इसकी निगरानी करना मुश्किल हो गया।

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चोरी से सुरक्षा में खामियां उजागर

शनिवार को जब एक कर्मचारी प्लांट पहुंचा, तो उसने देखा कि मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि कई अहम पुर्जे गायब थे और मोटर को निकालने की कोशिश की गई थी। अस्पताल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हजारों मरीजों के लिए बनाई गई सुविधा

दो जेनरेटर से लैस इस PSA प्लांट की रोजाना ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता लगभग 7,000 किलोलीटर है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह हर दिन लगभग 1,400 मरीजों की ऑक्सीजन की जरूरतें पूरी कर सकता है। आपात स्थिति में तुरंत ऑक्सीजन सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए इसे पाइपलाइन के जरिए ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम, जनरल वार्ड और अन्य अहम यूनिट्स से जोड़ा गया था।

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बड़े संकट के समय संभावित चुनौतियां

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अभी ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों का इलाज ऑक्सीजन कंसंट्रेटर से किया जा रहा है। हालांकि, अगर अचानक बड़ी संख्या में गंभीर रूप से बीमार मरीज आ जाएं तो स्थिति मुश्किल हो सकती है। प्रशासन ने चोरी के बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के साथ-साथ प्लांट को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

Location :  Gorakhpur

Published :  27 July 2026, 3:12 PM IST