कोर्ट के आदेश को नजरअंदाज करना पड़ा भारी! गोरखपुर के रामखेलावन दुबे को 5 साल की कैद, जानें क्या है पूरा मामला

गोरखपुर में अदालत के आदेश की अवहेलना से जुड़े मामले में डॉ. रामखेलावन दुबे को पांच साल चार महीने की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वर्ष 2018 में दर्ज इस मुकदमे में भारतीय दंड संहिता की धारा 174ए के तहत कार्रवाई हुई थी।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 13 October 2026, 8:41 PM IST

Gorakhpur: न्यायालय के आदेश की अनदेखी करने से जुड़े एक मामले में गोरखपुर की अदालत ने डॉ. रामखेलावन दुबे को पांच वर्ष चार माह के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मामला न्यायालय से जारी उद्घोषणा आदेश के बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होने से जुड़ा है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम की अदालत ने सुनाया।

क्या था पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह मामला वर्ष 2018 में बांसगांव थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 384/2018 से संबंधित है। डॉ. रामखेलावन दुबे पुत्र हरीराम दुबे, निवासी पड़ियापार, थाना खजनी, गोरखपुर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 174ए के तहत मामला दर्ज किया गया था।

यह धारा न्यायालय की ओर से जारी उद्घोषणा के बाद भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थित नहीं होने से जुड़े अपराध पर लागू होती है। ऐसे मामलों में अदालत के आदेश का पालन नहीं करना कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकता है।

ये भी पढ़ें- इलाज या लापरवाही? बदायूं में नेशनल चाइल्ड हॉस्पिटल में 3 साल की बच्ची की मौत पर उठे गंभीर सवाल

अदालत ने सुनाई पांच साल से ज्यादा की सजा

मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराया। इसके बाद पांच वर्ष चार माह के कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

आठ साल पुराने मुकदमे में आया फैसला

वर्ष 2018 में दर्ज मामले में फैसला आने के साथ एक बार फिर न्यायालय की प्रक्रिया और आदेशों के पालन का सवाल सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मुकदमे की सुनवाई के दौरान बांसगांव थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मामले की निगरानी की। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सौरभ श्रीवास्तव और रविन्द्र यादव ने पैरवी की।

ये भी पढ़ें- झांसी में जहरीले कारोबार का काला खेल: हाईवे पर पकड़े गए टैंकर, आखिर कहां जा रहा था करोड़ों का खतरनाक केमिकल?

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत हुई कार्रवाई

यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी किए जाने वाले मामलों में शामिल बताया गया है। इस अभियान का उद्देश्य आपराधिक मामलों में अभियोजन को मजबूत करना और न्यायालय में दोष सिद्ध होने पर सजा सुनिश्चित कराने में मदद करना है।

Location :  Gorakhpur

Published :  13 October 2026, 8:41 PM IST