फतेहपुर के थाना राधानगर क्षेत्र में मिट्टी माफियाओं के बीच गैंगवार हुआ। अवैध खनन को लेकर लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हुई। घटना के बाद पुलिस की भूमिका और संरक्षण पर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: इंटरनेट)
Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के थाना राधानगर क्षेत्र में मिट्टी माफियाओं के बीच हुए गैंगवार से इलाके में हड़कंप मच गया। अवैध मिट्टी खनन और परिवहन को लेकर दो गुटों के बीच लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हुई। दिनदहाड़े हुई इस हिंसक घटना ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों के बीच-बचाव से मामला बड़ा हादसा बनने से टल गया, वरना जानमाल का भारी नुकसान हो सकता था।
जानकारी के अनुसार, थाना राधानगर क्षेत्र में लंबे समय से मिट्टी माफियाओं का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। दिन-रात मिट्टी का अवैध खनन और उसका परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इसी अवैध धंधे में वर्चस्व को लेकर दो गुट आमने-सामने आ गए। पहले कहासुनी हुई और फिर मामला लाठी-डंडों से हमले तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमकर वार किए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मिट्टी माफियाओं को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। इसी वजह से ये माफिया पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती की होती, तो इस तरह की घटना सामने नहीं आती। क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि माफियाओं को थाने से खुला संरक्षण मिलने के कारण उनका मनोबल बढ़ा हुआ है।
घटना के बाद पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि पुलिस ने पूरे मामले को समझे बिना जल्दबाजी में मुकदमा दर्ज कर लिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने वास्तविक दोषियों की पहचान किए बिना ही औपचारिक कार्रवाई कर दी, ताकि अपनी जिम्मेदारी से बचा जा सके। इससे लोगों में आक्रोश है और पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
क्षेत्र में पुलिसिया शिथिलता को लेकर खुलकर चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अवैध मिट्टी खनन की शिकायतें की गई थीं, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यदि पहले ही इन माफियाओं पर नकेल कस दी गई होती, तो आज यह गैंगवार देखने को नहीं मिलता।
घटना के बाद थाना राधानगर के प्रभारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना प्रभारी ने पहले से चल रहे मिट्टी माफियाओं के अवैध कारोबार की अनदेखी की, जिससे माफियाओं के हौसले बुलंद होते गए। लोगों का कहना है कि थाना प्रभारी की लापरवाही और ढिलाई ने ही इस हिंसक घटना को जन्म दिया है।
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फतेहपुर में मिट्टी माफियाओं के बीच हुआ यह गैंगवार प्रशासन के लिए बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसी घटनाएं और भी भयावह रूप ले सकती हैं। क्षेत्रीय लोगों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध मिट्टी खनन में शामिल सभी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।