
देवघर पुलिस का बड़ा खुलासा
देवघर नगर थाना पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर वाहन से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि ये लोग किसी "बड़ी घटना" को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। उनके पास से एक अवैध देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है।
लेकिन इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर वह "बड़ी घटना" क्या थी, जिसकी तैयारी की बात पुलिस स्वयं अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कर रही है?
पुलिस के अनुसार 6 जून की शाम नगर थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी शंकर कुमार रजक गश्ती पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि एक सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार (JH15AP-5093) में सवार कुछ लोग देवघर रेलवे स्टेशन होते हुए रामगढ़ मार्ग की ओर जा रहे हैं और किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। इसके बाद पहले से गठित विशेष टीम सक्रिय हुई और वाहन की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। पुलिस का कहना है कि तलाशी के दौरान एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ, जिसके बाद वाहन में सवार पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह प्रश्न इसलिए महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि देवघर कोई साधारण शहर नहीं है। यह देश के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां श्रावणी मेला के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन होता है।
हर वर्ष सुरक्षा एजेंसियां मेले को लेकर महीनों पहले से तैयारी शुरू कर देती हैं। ऐसे समय में यदि पुलिस स्वयं यह कह रही है कि गिरफ्तार लोग किसी बड़ी घटना की योजना बना रहे थे, तो स्वाभाविक रूप से लोगों के मन में आशंका पैदा होना लाजिमी है।
क्या यह केवल आपराधिक गिरोह की गतिविधि थी? क्या किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने की योजना थी? या फिर भीड़भाड़ वाले किसी स्थान को लेकर कोई साजिश रची जा रही थी? फिलहाल इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।
इस पूरे मामले में बरामदगी से अधिक चर्चा उस कथित मंशा की हो रही है जिसका उल्लेख पुलिस ने किया है। एक वाहन, एक अवैध पिस्टल और एक जिंदा कारतूस के साथ पांच लोगों की गिरफ्तारी निश्चित रूप से गंभीर मामला है। लेकिन यदि इसे "बड़ी घटना" की तैयारी बताया जा रहा है, तो यह जानना भी उतना ही जरूरी है कि आखिर उस योजना का स्वरूप क्या था।
क्या पुलिस को इनके मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, चैट या अन्य तकनीकी साक्ष्यों से कुछ महत्वपूर्ण जानकारी मिली है? क्या इनका संबंध किसी संगठित आपराधिक गिरोह से है? क्या इनका पूर्व आपराधिक इतिहास रहा है? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या इनके अन्य साथी अभी भी फरार हैं? जांच आगे बढ़ने के साथ इन सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
इस वर्ष श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन पहले से ही हाई अलर्ट मोड में दिखाई दे रहा है। हाल ही में राज्य सरकार के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने कई उच्चस्तरीय बैठकें की हैं। सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन को लेकर लगातार समीक्षा हो रही है। ऐसे समय में "बड़ी घटना की तैयारी" के आरोप में हुई गिरफ्तारी को सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यही कारण है कि यह मामला केवल हथियार बरामदगी तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि धार्मिक नगरी की सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा प्रश्न बन जाता है।
पुलिस ने इस मामले में देवघर नगर थाना कांड संख्या 216/2026 दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
Location : Deoghar
Published : 7 June 2026, 4:42 PM IST