
चित्रकूट पुलिस (Img: X)
Chitrakoot: भरतकूप थाना क्षेत्र के बैहर गांव निवासी 48 वर्षीय मनोज पाल का 19 अगस्त की शाम अपहरण किया गया था। बताया गया कि शाम करीब 7:45 बजे वह शिवरामपुर में चौहान ढाबे के पास ई-रिक्शा से जा रहे थे। इसी दौरान कार सवार कुछ लोगों ने उन्हें जबरन ई-रिक्शा से नीचे उतारा और कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। मनोज की पत्नी पट्टी देवी ने अगले दिन 20 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आते ही पुलिस ने अपहरण की जांच शुरू कर दी।
मामले की जांच के लिए SOG, भरतकूप पुलिस और सर्विलांस टीम को लगाया गया। पुलिस ने अपहरण वाले रास्ते और आसपास के कई स्थानों के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।फुटेज में एक कार और कुछ संदिग्ध लोगों की जानकारी मिली। पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस किया तो वह महोबा जिले में पंजीकृत मिली।
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फुटेज में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान के लिए मनोज की पत्नी और बच्चों को भी फुटेज दिखाई गई। इस दौरान शक मनोज के छोटे भाई अनिल पाल और उसके बेटे हिमांशु पर गया। पुलिस के मुताबिक, अनिल महोबा के गांधी नगर में फर्नीचर का काम करता है।
पुलिस ने मामले में 45 वर्षीय अनिल पाल, उसके 26 वर्षीय बेटे हिमांशु पाल और दो अन्य आरोपियों राजू पाल (30) और रोहित साहू (21) को गिरफ्तार किया। दोनों अन्य आरोपी भी महोबा क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपहरण और हत्या की बात स्वीकार की। हालांकि, मनोज का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस गोताखोरों की मदद से पहाड़ी बांध में शव की तलाश कर रही है।
पुलिस पूछताछ में संपत्ति विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया है। अनिल के मुताबिक, वर्ष 2005 में उनके दादा देवीचरण ने हमीरपुर के भरुआ सुमेरपुर में तीन मकान खरीदे थे। इनमें से मकान मनोज और अनिल को भी दिए गए थे। कुछ समय बाद दोनों भाइयों ने 2006 में अपने-अपने हिस्से के मकान बेच दिए।
इसके बाद अनिल महोबा में रहने लगा, जबकि मनोज भरतकूप के बैहर गांव में रहने लगा। बताया गया कि तीन मकानों में से एक संपत्ति दोनों भाइयों की संयुक्त थी। आरोप है कि अनिल और उसका परिवार इस मकान पर पूरा अधिकार चाहता था। इसी विवाद ने बाद में हिंसक रूप ले लिया।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को अपहरण के बाद मनोज को महोबा ले जाया गया। वहां उसे रातभर एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि उससे संयुक्त संपत्ति के कागजात पर हस्ताक्षर करने और मकान का अधिकार अनिल के नाम करने का दबाव बनाया गया। मनोज ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई, लेकिन वह संपत्ति के कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार नहीं हुआ।
पुलिस के अनुसार, मनोज के लगातार इनकार करने के बाद आरोपी उसे पहाड़ी बांध के पास ले गए। वहां भी उस पर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि जब मनोज ने बात नहीं मानी तो 20 अगस्त की रात उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को बांध में फेंक दिया गया।
पुलिस अब शव की तलाश के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ और बरामद होने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Location : Chitrakoot
Published : 25 August 2026, 11:05 AM IST