Champat Rai की अचानक बढ़ी सक्रियता से क्यों गरमाई अयोध्या की सियासत? 2 सितंबर की बैठक से पहले मठ-मंदिरों में लगातार दस्तक

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 2 सितंबर की बैठक से पहले चंपत राय की अयोध्या के मठ-मंदिरों में सक्रियता बढ़ गई है। वह धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के साथ संतों से मुलाकात और आशीर्वाद ले रहे हैं। उनकी इस सक्रियता को ट्रस्ट में संभावित वापसी से जोड़कर देखा जा रहा है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 26 August 2026, 10:59 AM IST

Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो सितंबर को प्रस्तावित बैठक से पहले चंपत राय की अयोध्या के मठ-मंदिरों में बढ़ी सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ समय पहले तक ट्रस्ट के महासचिव के तौर पर बड़े धार्मिक आयोजनों में मुख्य अतिथि के रूप में नजर आने वाले चंपत राय अब रामनगरी के छोटे-बड़े कार्यक्रमों में लगातार पहुंच रहे हैं। उनकी संतों से मुलाकात और आशीर्वाद लेने का सिलसिला भी चर्चा में है।

जन्मदिन से लेकर मंदिर उत्सव तक पहुंच

चंपत राय इन दिनों अयोध्या के विभिन्न मठ-मंदिरों में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों में दिखाई दे रहे हैं। जन्मदिन समारोह हो या मंदिर का उत्सव, वह कई आयोजनों में शामिल हो रहे हैं। इस दौरान वह साधु-संतों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद भी ले रहे हैं।

विश्व हिंदू परिषद से जुड़े एक कार्यकर्ता के अनुसार, जहां उन्हें औपचारिक निमंत्रण मिल रहा है, वहां वह कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। वहीं कुछ स्थानों पर निमंत्रण न होने के बावजूद संतों से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए पहुंच रहे हैं।

2 सितंबर की बैठक से पहले क्यों बढ़ी सक्रियता?

चंपत राय की यह सक्रियता ऐसे समय में बढ़ी है, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव, प्रवक्ता, सीईओ समेत खाली पड़े अन्य पदों पर नियुक्ति को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है।

इसी वजह से उनकी लगातार बढ़ती मौजूदगी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। रामनगरी में चर्चा है कि क्या वह ट्रस्ट में संभावित वापसी के लिए अपनी जमीन तैयार कर रहे हैं?

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संतों से बढ़ता संवाद बना चर्चा का विषय

संतों के बीच चंपत राय के लगातार संपर्क में रहने को भी अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है। वह साधु-संतों से संवाद कर रहे हैं, उनका आशीर्वाद ले रहे हैं और पुराने संबंधों को बनाए रखने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।

कुछ लोगों का मानना है कि यह सक्रियता ट्रस्ट में संभावित वापसी के संकेत हो सकती है। हालांकि अभी तक ऐसी किसी संभावना को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

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वापसी होगी या सिर्फ पुराने रिश्तों की वजह?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या चंपत राय की बढ़ती सक्रियता ट्रस्ट में उनकी वापसी की तैयारी है या फिर यह रामनगरी से उनके पुराने जुड़ाव और व्यक्तिगत संबंधों का हिस्सा मात्र है।

फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। दो सितंबर की ट्रस्ट बैठक को लेकर इसलिए भी उत्सुकता बढ़ गई है। बैठक में होने वाले फैसलों के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि चंपत राय की अयोध्या में बढ़ती सक्रियता के पीछे आखिर क्या वजह थी।

Location :  Ayodhya

Published :  26 August 2026, 10:59 AM IST