
अनिल सोती हत्याकांड का खुलासा (सोर्स- Pinterest)
Bijnor: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के अनिल कुमार सोती हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, 82 वर्षीय अनिल सोती की हत्या सुपारी देकर कराई गई थी। हत्या की साजिश रचने का आरोप उनके भतीजे गौरव के वकील राजनारायण पर है। पुलिस ने वकील की मुंशी निशा उर्फ अंजुम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता वकील अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
सीओ सिटी अभय कुमार पांडेय के अनुसार, बिजनौर-नूरपुर रोड स्थित बाग की करीब 28 बीघा जमीन में अनिल कुमार सोती और उनके भतीजे गौरव बराबर के हिस्सेदार थे। गौरव अपने हिस्से की जमीन बेचने की तैयारी में था। इसके लिए उसने प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना आदि के जरिए वकील राजनारायण की मदद ली थी।
पुलिस के मुताबिक, जमीन का कानूनी बंटवारा यानी कुर्राबंदी नहीं होने के कारण जमीन की बिक्री में अड़चन आ रही थी। गौरव ने कुर्राबंदी में देरी को लेकर वकील से नाराजगी जताई और केस किसी दूसरे वकील को देने की बात कही थी।
आरोप है कि जमीन की खरीद-फरोख्त से मिलने वाला करीब दो प्रतिशत कमीशन हाथ से निकलता देखकर राजनारायण ने अनिल सोती की हत्या की साजिश रची।
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पुलिस के अनुसार, राजनारायण ने अपनी मुंशी निशा उर्फ अंजुम परवीन को अनिल सोती को किसी झूठे मामले में जेल भिजवाने की जिम्मेदारी दी थी। इसके लिए निशा कई बार बिजनौर भी पहुंची, लेकिन अनिल सोती की उम्र अधिक होने के कारण कथित झूठी कहानी तैयार नहीं हो सकी। इसके बाद अनिल की हत्या की साजिश रची गई।
पुलिस का दावा है कि राजनारायण ने निशा से अनिल सोती की हत्या के लिए 10 लाख रुपये में सौदा तय किया था और उसे तीन लाख रुपये एडवांस दिए थे। इसके बाद निशा ने अपनी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन और भाई के दोस्त सुभाष को साजिश में शामिल किया।
पुलिस के अनुसार, इन तीनों को कुल 80 हजार रुपये दिए गए।
चारों आरोपियों ने अनिल सोती के घर करीब छह से सात बार आना-जाना किया। कभी जमीन बिकवाने तो कभी खुद प्लॉट खरीदने की बात कहकर उन्होंने अनिल से जान-पहचान बढ़ाई।
पुलिस के अनुसार, हत्याकांड की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम कड़ी बनी। फुटेज में दो महिलाएं बाग से पैदल निकलती दिखाई दीं। इसके बाद वे बाग के बाहर बिजनौर-नूरपुर मार्ग पर ई-रिक्शा में सवार हुईं।
पुलिस ने कृष्णा कॉलेज के पास से लेकर नूरपुर तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि निशा, हिना और अलीमुद्दीन दिल्ली से टैक्सी के जरिए नूरपुर पहुंचे थे। वहां से ई-रिक्शा और टेंपो से बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित अनिल सोती के बाग तक पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक, तीनों भाई-बहनों ने दरियापुर गांव निवासी सुभाष को भी मौके पर बुला लिया। इसके बाद चारों अनिल सोती के घर पहुंचे और उनसे बातचीत की। इस दौरान चाय-नाश्ता भी किया गया।
आरोप है कि इसके बाद अलीमुद्दीन, हिना और सुभाष घर के बाहर निगरानी करते रहे, जबकि निशा घर के अंदर गई और काले रंग के नाड़े से अनिल कुमार सोती का गला घोंट दिया।
पुलिस के अनुसार, छह अगस्त की शाम अनिल सोती की उनके घर में ही हत्या की गई थी।
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पुलिस ने निशा उर्फ अंजुम, उसकी बहन हिना, भाई अलीमुद्दीन और सुभाष को गिरफ्तार किया है। वहीं, हत्या की साजिश रचने का आरोपी वकील राजनारायण अभी फरार है। राजनारायण दिल्ली में वकालत करता है और निशा उसके चैंबर में मुंशी/क्लर्क के रूप में काम करती थी।
अनिल सोती के भांजे आलोक शर्मा की तहरीर पर गौरव सोती, प्रॉपर्टी डीलर शैलेंद्र खन्ना, सुनील खन्ना, नावेद और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान निशा, हिना, अलीमुद्दीन, सुभाष और राजनारायण के नाम सामने आए।
पुलिस के अनुसार, अनिल कुमार सोती और उनके भाई सुनील कुमार सोती अविवाहित थे। एक अन्य भाई अरुण कुमार सोती का विवाह हुआ था, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। सबसे बड़े भाई अश्विनी कुमार सोती के पुत्र गौरव हैं।
अनिल कुमार सोती समेत चारों भाइयों की मौत हो चुकी है। परिवार की चार बहनों में से तीन की मृत्यु हो चुकी है और अब केवल बहन सरिता जीवित हैं।
Location : Bijnor
Published : 19 August 2026, 3:29 PM IST