Budaun Thakur Ji Temple: मंदिर के हिसाब-किताब पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने शुरू की भूख हड़ताल; अब क्या होगा?

Badaun Thakur Ji Temple: बदायूं के बिसौली क्षेत्र के परौली गांव में ठाकुर जी महाराज मंदिर के प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू की है। ग्रामीण 16 वर्षों के आय-व्यय और जमीन के किराये का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। समिति पर लगाए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 6 October 2026, 11:11 AM IST

Budaun: तहसील बिसौली के परौली गांव में स्थित प्रसिद्ध श्री ठाकुर जी महाराज मंदिर के प्रबंधन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मंदिर की व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। आंदोलनकारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

16 साल के आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

ग्रामीणों की सबसे प्रमुख मांग मंदिर की आय-व्यय का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की है। आंदोलनकारियों का कहना है कि पिछले 16 वर्षों में मंदिर को हुई आय और खर्च का पूरा हिसाब सामने आना चाहिए।

इसके अलावा मंदिर की जमीन से मिलने वाले किराये का भी पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता नहीं है और हिसाब-किताब में गड़बड़ी की जा रही है। हालांकि, समिति पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

दो मंदिरों के लिए अलग समिति की मांग

आंदोलनकारियों ने बड़े और छोटे मंदिर के लिए अलग-अलग 21-21 सदस्यीय समितियां बनाने की मांग रखी है। उनका कहना है कि नई समितियों में सर्वसमाज की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि मंदिर की व्यवस्था में सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

ग्रामीण समिति का गठन चुनाव के माध्यम से कराने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक शिकायत का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर से जुड़े मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक शिकायत की जा चुकी है। आंदोलनकारियों के मुताबिक, शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी के चलते उन्होंने भूख हड़ताल शुरू करने का फैसला लिया।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

ग्रामीणों ने कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, भूख हड़ताल जारी रहेगी। अब इस पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।

मंदिर समिति पर लगाए गए भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आय-व्यय के दस्तावेज, मंदिर की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Budaun

Published :  6 October 2026, 11:10 AM IST