Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी में बड़ा मोड़! SIT की रिपोर्ट में पूर्व ट्रस्टी पर उठे सवाल, क्या अब दर्ज होगी FIR?

Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठे हैं। पुलिस अब कानूनी पहलुओं पर मंथन कर रही है, जबकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 13 July 2026, 8:35 AM IST

Ayodhya: अयोध्या के बहुचर्चित Ram Mandir Donation Scam में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब इस बात को लेकर चर्चाएं तेज हैं कि क्या उन्हें भी इस मामले में आरोपी बनाया जाएगा। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में उठे गंभीर सवाल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी की प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की गणना से जुड़े नियमों में कथित तौर पर ढील दिए जाने का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी ने इस पूरे घटनाक्रम में कुछ निर्णयों की भूमिका को महत्वपूर्ण माना है। यही वजह है कि अब पुलिस कानूनी राय लेकर आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है।

फिलहाल इस मामले में किसी नए व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने या आरोपी बनाए जाने को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

अब तक आठ आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं

चढ़ावा चोरी मामले में अब तक आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच एजेंसियों के रडार पर बताई जा रही है। पुलिस फिलहाल साक्ष्यों, दस्तावेजों और बयानों का मिलान कर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

इस्तीफे के बाद सार्वजनिक गतिविधियों से बनाई दूरी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तीफा स्वीकार होने के बाद डॉ. अनिल मिश्रा ने मंदिर और ट्रस्ट कार्यालय जाना बंद कर दिया है। सार्वजनिक रूप से भी उन्होंने इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है। बताया जा रहा है कि वह फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर चुप्पी बनाए हुए हैं। दूसरी ओर, ट्रस्ट से जुड़े अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी जांच पूरी होने तक सार्वजनिक टिप्पणी से बच रहे हैं।

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व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट भी बना चर्चा का विषय

जांच के बीच सोशल मीडिया पर एक कथित व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट भी वायरल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें मंदिर परिसर में कार्यरत कुछ लोगों से कहा गया कि मंदिर की गतिविधियों पर किसी से चर्चा न करें और यदि कोई पूछे तो जानकारी न होने की बात कहें। हालांकि इस वायरल स्क्रीनशॉट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इसकी भी सत्यता की पड़ताल कर रही हैं।

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पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजर

Ram Mandir Donation Scam अब केवल चढ़ावे की चोरी तक सीमित नहीं रह गया है। जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

Location :  Ayodhya

Published :  13 July 2026, 8:35 AM IST