राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आखिर किसके भरोसे सौंप दी गई करोड़ों की गणना? बैंक घोटाले से जुड़ा नाम आया सामने, SIT जांच में बड़ा खुलासा

Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चढ़ावे की गणना की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को सौंपी गई थी, जो पहले बैंक में कथित घोटाले के मामले में कार्रवाई झेल चुका था। अब एसआईटी नियुक्ति प्रक्रिया से लेकर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 13 July 2026, 8:11 AM IST

Ayodhya: अयोध्या के चर्चित Ram Mandir Donation Scam में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। एसआईटी की पड़ताल में ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जिन्होंने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चढ़ावे की रकम की गणना का जिम्मा जिस व्यक्ति को सौंपा गया था, वह पहले बैंक में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई का सामना कर चुका था। इस खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इतनी संवेदनशील जिम्मेदारी बिना गहन सत्यापन के कैसे सौंप दी गई।

बैंक घोटाले से जुड़ा था आरोपी का नाम

जांच में सामने आया कि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव बैंक में नौकरी के दौरान कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विभागीय कार्रवाई का सामना कर चुका था। उस समय उसे सेवा से हटा दिया गया था। बाद में अदालत के आदेश के बाद वह दोबारा सेवा में आया और सेवानिवृत्ति के बाद मंदिर से जुड़ गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच किए बिना उसे इतनी अहम जिम्मेदारी किस आधार पर सौंपी गई।

गणना से लेकर बैंक तक नकदी पहुंचाने की थी जिम्मेदारी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के पास चढ़ावे की नकदी की गणना, पूरी प्रक्रिया की निगरानी और रकम को बैंक तक सुरक्षित पहुंचाने जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां थीं। जांच एजेंसियों का मानना है कि इसी दौरान कथित मिलीभगत के जरिए लंबे समय तक अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। अब तक इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

अब भर्ती प्रक्रिया भी जांच के घेरे में

एसआईटी अब केवल चोरी की रकम की जांच नहीं कर रही, बल्कि मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कर्मचारियों की नियुक्ति किन मानकों पर हुई और क्या नियुक्ति से पहले आवश्यक सत्यापन किया गया था। सूत्रों का दावा है कि नियुक्ति प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां सामने आ सकती हैं।

धर्म सेना प्रमुख से भी हुई पूछताछ

रविवार को एसआईटी ने धर्म सेना प्रमुख संतोष दुबे से भी पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे मामले से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों के बारे में सवाल किए। पूछताछ के बाद उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी ने सामान्य प्रक्रिया के तहत जानकारी ली है। अब एसआईटी सभी पक्षों से मिले तथ्यों का मिलान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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जांच से उठ रहे कई बड़े सवाल

पूरे मामले में अब चोरी से ज्यादा चर्चा नियुक्ति प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर हो रही है। यदि जांच में सामने आए तथ्य सही साबित होते हैं, तो आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल Ram Mandir Donation Scam की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी की नजर एसआईटी की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Location :  Ayodhya

Published :  13 July 2026, 8:10 AM IST