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प्रतीकात्मक छवि (Img- Pinterest)
Amethi: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में करीब नौ साल पुराने नाबालिग से जुड़े मामले में सुलतानपुर की पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी प्रविंद कुमार उर्फ परमेन्दर कुमार को घर में घुसने, मारपीट और नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। वहीं, अदालत ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े आरोपों में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 452 के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 323 के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास तथा धारा 354 के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
मामले में नाबालिग से दुष्कर्म का भी आरोप लगाया गया था। हालांकि, सुनवाई के बाद न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। इस तरह अदालत ने आरोपी को कुछ धाराओं में दोषी माना, जबकि दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े आरोपों को साबित नहीं मानते हुए इन आरोपों से बरी कर दिया।
पुलिस के अनुसार, वादी की ओर से दी गई तहरीरी सूचना के आधार पर 14 मई 2017 को थाना जगदीशपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपी ने वादी की नाबालिग बेटी को घर में अकेला देखकर घर में प्रवेश किया और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया। गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया गया था। मामले की विवेचना विवेचक दिनेश प्रकाश सिंह ने की थी। पुलिस के अनुसार, विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोप पत्र संख्या ए-128 न्यायालय में भेजा गया था।
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अमेठी के पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. ने गुरुवार को बताया कि अपराधियों के खिलाफ न्यायालय में चल रहे अभियोगों में ऑपरेशन कनविक्शन और मिशन शक्ति अभियान के तहत चिह्नित मामलों में प्रभावी पैरवी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, अभियोजन अधिकारी और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप सुलतानपुर की एएसजे-12/पॉक्सो कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाया है।
करीब नौ साल पहले दर्ज हुए इस मामले में अब न्यायालय का फैसला आया है। अदालत के निर्णय के बाद आरोपी को जिन धाराओं में दोषी ठहराया गया है, उनमें निर्धारित सजा भुगतनी होगी। वहीं, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के आरोपों से उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है।
Location : Amethi
Published : 8 October 2026, 9:24 PM IST
Topics : Amethi POCSO Case amethi news Minor Molestation Case Molestation Conviction Operation Conviction